panchkula stray animal accident administration | पंचकूला में सड़कों पर आवारा पशु बने जानलेवा: दूध निकाल कर खुले छोड़ देते हैं पशु पालक; प्रशासन की सुस्ती से हो रहे हादसे – Panchkula News

पंचकूला में रात के समय सड़कों पर घूमते मवेशी

हरियाणा के पंचकूला में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या एक बार फिर गंभीर बन गई है। चार दिन पहले पंचकूला-बरवाला रोड पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें रामगढ़ निवासी एक दंपत्ति का स्कूटर आवारा मवेशी से टकरा गया। इस हादसे में पत्नी की मौत हो गई, जबकि पति गंभीर

इस घटना के बाद एक बार फिर प्रशासन से आवारा पशुओं पर सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

शहर में सड़कों पर घूमते मवेशी, बढ़ते हादसे

पंचकूला के विभिन्न सेक्टरों और मुख्य सड़कों पर बड़ी संख्या में आवारा मवेशी घूमते रहते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। खासकर रात के समय यह समस्या और विकराल हो जाती है। लोगों का कहना है कि कई पशुपालक अपने पालतू मवेशियों से दूध निकालने के बाद उन्हें सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं, जिससे न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि जगह-जगह गंदगी भी फैलती है।

प्रशासन की सुस्ती से बढ़ रही समस्या

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। कई बार आवारा पशुओं को हटाने और पशुपालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण ही ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं।

पंचकूला की सड़कों पर आम है आवारा पशुओं का टहलना

पंचकूला की सड़कों पर आम है आवारा पशुओं का टहलना

नगर निगम की बैठक में उठा मुद्दा

हाल ही में नगर निगम की बैठक में आवारा पशुओं की वजह से हो रहे हादसों पर चर्चा हुई। पार्षदों ने मांग की कि प्रशासन आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए और ऐसे हादसों में घायल हुए लोगों को मुआवजा देने का प्रावधान करे। पार्षदों का कहना था कि जब प्रशासन कुत्ते के काटने पर मुआवजा दे सकता है, तो सड़क हादसों में घायल लोगों को भी सहायता दी जानी चाहिए। इस पर मेयर ने आश्वासन दिया कि प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

लोगों की मांग – हो सख्त कार्रवाई

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा पशुओं पर जल्द से जल्द काबू पाया जाए और जो पशुपालक अपने मवेशियों को खुला छोड़ते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया, तो सड़क हादसे इसी तरह बढ़ते रहेंगे और लोगों की जान जोखिम में पड़ती रहेगी।