करनाल में धान खरीद घोटाला: कागजों में दिखी ढुलाई, 39.24 करोड़ रुपये का सरकारी नुकसान; प्रशासन जांच में जुटा

31 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Haryana Desk:  करनाल जिले में धान खरीद और ढुलाई प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और घोटाले का मामला सामने आया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, 112 वाहनों के जरिए 570 फेरों में कुल 1.65 लाख क्विंटल धान की ढुलाई केवल कागजों में दर्ज की गई, जबकि वास्तविकता में धान की ढुलाई नहीं हुई। इस फर्जीवाड़े से सरकारी खजाने को करीब 39.24 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

जिला प्रशासन ने 72 पन्नों की विस्तृत शिकायत के आधार पर डीसी और एसपी की संयुक्त जांच करवाई। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए। रिकॉर्ड के अनुसार, संबंधित वाहनों ने कुल 4,41,781 किलोमीटर का सफर तय किया, जबकि जमीनी स्तर पर धान की कोई ढुलाई नहीं हुई। कई वाहनों को एक ही दिन में 800 से 1,033 किलोमीटर तक चलते हुए दिखाया गया, जो अव्यावहारिक और स्पष्ट रिकॉर्ड छेड़छाड़ का संकेत है।

जांच में कई वाहन नंबर फर्जी पाए गए। इनमें कुछ ऐसे नंबर थे जो ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल या अन्य श्रेणियों से संबंधित थे और जिनका धान ढुलाई से कोई संबंध नहीं था। उदाहरण के तौर पर, वाहन HR-69H-8447 को 871 किमी, HR-45M-7435 को 870 किमी, HR-64C-3276 को 1,033 किमी, HR-45G-4957 को 888 किमी और HR-56A-1992 को 905 किमी चलाया हुआ दिखाया गया।

यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2022 में भी करनाल में 2.56 करोड़ रुपये के धान घोटाले में तत्कालीन मार्केट कमेटी सचिव सहित सात लोगों पर केस दर्ज किया गया था। उस मामले की जांच अभी भी जारी है।

ताजा खुलासे ने धान खरीद और ढुलाई प्रणाली की निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर हैं कि दोषियों के खिलाफ कितनी सख्त और पारदर्शी कार्रवाई की जाती है।