11 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Punjab Desk: Hoshiarpur की जिला मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर Aashika Jain ने शोर प्रदूषण को रोकने के लिए आदेश जारी किए हैं। Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita 2023 की धारा 163 के तहत जारी आदेश के अनुसार जिले में अधिक शोर करने वाले यंत्र, तेज संगीत और किसी भी प्रकार का ध्वनि प्रदूषण पैदा करने पर पाबंदी रहेगी।
हालांकि यह पाबंदी केवल रंग पैदा करने वाले पटाखों और फुलझड़ियों पर लागू नहीं होगी। इसके अलावा वाहनों में प्रेशर हॉर्न, तेज आवाज वाले हॉर्न या अन्य किसी तरह का शोर पैदा करने वाले उपकरण बजाने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। केवल सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार हॉर्न ही सीमित आवाज में बजाए जा सकेंगे।
आदेश के अनुसार गैर-सरकारी इमारतों, व्यापारिक दुकानों, सार्वजनिक स्थानों, सिनेमा हॉल, मॉल, होटल-रेस्तरां और मेलों आदि में तेज आवाज वाला संगीत या अश्लील गीत बजाने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
साइलेंस जोन जैसे सरकारी दफ्तरों, जंगलात विभाग, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, अदालतों और धार्मिक स्थलों या किसी भी घोषित साइलेंस जोन के 100 मीटर के दायरे में पटाखे, लाउडस्पीकर, प्रेशर हॉर्न या अन्य शोर करने वाले उपकरण चलाने पर पूरी तरह पाबंदी होगी।
विशेष परिस्थितियों में धार्मिक स्थलों, पंडालों या अधिकृत मैरिज पैलेस में डीजे/ऑर्केस्ट्रा चलाने के लिए संबंधित उपमंडल मजिस्ट्रेट से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार ध्वनि सीमा भी तय की गई है। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में दिन में 75 डेसिबल और रात में 70 डेसिबल, वाणिज्यिक क्षेत्रों में दिन में 65 और रात में 55 डेसिबल, रिहायशी क्षेत्रों में दिन में 55 और रात में 45 डेसिबल तथा साइलेंस जोन में दिन में 50 और रात में 40 डेसिबल से अधिक आवाज नहीं होनी चाहिए।
दिन का समय सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक माना जाएगा। यह आदेश सरकारी मशीनरी और आपातकालीन स्थितियों पर लागू नहीं होगा। यह आदेश 7 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा।













