11 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: कोलकाता में 317 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश, कारोबारी पवन रुइया के घर और दफ्तरों पर छापेमारी पश्चिम बंगाल पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने देशभर में फैले एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है। इस साइबर ठगी में लगभग 317 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई, जिसमें 1,379 लोगों को शिकार बनाया गया। जांच के दौरान पुलिस ने कोलकाता स्थित उद्योगपति पवन रुइया के आवास और दफ्तरों पर छापेमारी की है।
पुलिस की शुरुआती जांच में 148 फर्जी कंपनियों की भूमिका सामने आई है, जिनके बैंक खातों के माध्यम से ठगे गए पैसे को इधर-उधर भेजा गया। कई कंपनियों का रजिस्ट्रेशन एक ही पते पर पाया गया, जिससे पूरे रैकेट की साजिश का अंदाजा लगाया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि ठगे गए पैसों में से करीब 170 करोड़ रुपये को क्रिप्टोकरेंसी में बदला गया, ताकि पुलिस उसकी ट्रेसिंग न कर सके।
इस मामले में 5 नवंबर को बैरकपुर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें पवन रुइया, उनके परिजनों और करीबी सहयोगियों के नाम शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि रुइया की कंपनियों से जुड़े 11 निदेशक देशभर की 186 अन्य कंपनियों में भी पद पर हैं।
पुलिस ने एक साथ कोलकाता में कई जगहों पर छापेमारी की, जिनमें पार्क सर्कस स्थित रुइया सेंटर, 129 पार्क स्ट्रीट स्थित डनलप इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, बर्जर हाउस, और बल्लीगंज स्थित रुइया का आवास शामिल है।
फिलहाल पुलिस साइबर ठगी के इस जाल से जुड़े अन्य लोगों और कंपनियों की तलाश में जुटी हुई है।