Nuh district head post removal order SC stay 13 May Nuh DC decision order panchayat land illegal occupation allegation | नूंह जिला प्रमुख के पद मुक्त आदेश पर रोक: 13 मई तक नूंह डीसी को निर्णय देने का आदेश,पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा का आरोप – Nuh News

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद जिला प्रमुख जान मोहम्मद व उनके साथी

हरियाणा के नूंह जिला के भाजपा के जिला परिषद चेयरमैन जान मोहम्मद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने जान मोहम्मद को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 17 मार्च को अयोग्य घोषित करने पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने नूं

पंचायती जमीन पर कब्जा करने के आरोप में हुए थे पदमुक्त

पुन्हाना उपमंडल के गांव अकबरपुर के रहने वाले जान मोहम्मद जिला पार्षद के वार्ड 19 से चुनाव जीतकर जिला पार्षद बनने के साथ ही जिला पार्षदों के समर्थन व भाजपा के सहयोग से जिला प्रमुख बने। लेकिन जिला पार्षद बनने के साथ ही उन पर पंचायत भूमि पर अवैध कब्जा करने के आरोप लगने लगे।

नूंह जिला प्रमुख जान मोहम्मद की फ़ाइल फोटो

नूंह जिला प्रमुख जान मोहम्मद की फ़ाइल फोटो

इसी को लेकर जिला पार्षद के वार्ड 4 से पार्षद यहूदा मोहम्मद ने हाईकोर्ट में याचिका डालकर जान मोहम्मद पर कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद 17 मार्च को हाई कोर्ट ने 17 को मामले में सुनवाई करते हुए जान मोहम्मद को पदमुक्त कर दिया गया था। इससे पहले भी जान मोहम्मद ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच द्वारा उन्हें अयोग्य ठहराने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को वापस हाईकोर्ट भेजते हुए नए सिरे से निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इसके तहत, 20 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे 17 मार्च 2025 को सुनाया गया था। उस फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जान मोहम्मद कानूनी रूप से इस पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं।

हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

जिला प्रमुख जान मोहम्मद ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जिला प्रमुख जान मोहम्मद को बड़ी राहत देते हुए इस पद पर बने रहने के साथ नूंह डीसी को आदेश दिए हैं कि 13 मई से पहले इस मामले में जांच कर अपना निर्णय लें। इस दौरान जिला प्रमुख जान मोहम्मद ने कहा कि सच्चाई को परेशान किया जा सकता है, लेकिन हराया नही जा सकता। उन्होंने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा था।

9 अप्रैल 2024 को किया गया था आरोग्य करार

शिकायतकर्ता यहूदा द्वारा इससे पहले भी याचिका डालने के बाद मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में हुई। जिसके बाद हरियाणा ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक ने हाईकोर्ट के आदेश पर संज्ञान लेते हुए 9 अप्रैल 2024 को जिला पार्षद पद से अयोग्य करार कर दिया गया था। जिसके बाद जिला प्रमुख जान मोहम्मद ने इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में चुनौती दी। बाद में उन्हें बाहल कर दिया गया। जिसके बाद शिकायतकर्ता ने फिर से एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाली और 17 मार्च को फैसला शिकायतकर्ता के पक्ष में आया है। लेकिन इस फैसले को चुनौती देते हुए जान मोहम्मद ने एक बार फिर अपनी कुर्सी बचा ली है।