03 जून 2025 फैक्टर रिकॉर्डर
National Desk: JNU ने ‘कुलपति’ की जगह अब ‘कुलगुरु’ शब्द अपनाया, परंपरा और लैंगिक समानता को दी प्राथमिकता दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने अपने प्रशासनिक ढांचे में एक अहम भाषाई बदलाव किया है। अब से विश्वविद्यालय में ‘वाइस चांसलर’ के हिंदी अनुवाद के रूप में ‘कुलपति’ नहीं, बल्कि ‘कुलगुरु’ शब्द का प्रयोग किया जाएगा।
यह फैसला जेएनयू की वर्किंग काउंसिल की बैठक में लिया गया, जिसका सुझाव कुलपति शांतिश्री धुलीपुडी पंडित ने दिया था। बदलाव के पीछे दो प्रमुख कारण बताए गए हैं—भारतीय परंपरा को सम्मान देना और लैंगिक समानता यानी जेंडर न्यूट्रलिटी को बढ़ावा देना।
‘कुलगुरु’ शब्द प्राचीन भारतीय गुरुकुल परंपरा से प्रेरित है, जिसमें गुरु का स्थान सर्वोच्च होता था। अब से जेएनयू के सभी आधिकारिक शैक्षणिक दस्तावेजों और संचार में ‘कुलगुरु’ शब्द का प्रयोग होगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह कदम न केवल भाषा को अधिक समावेशी बनाएगा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक जड़ों से भी छात्रों को जोड़ने में मदद करेगा।