25 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने 2019 के पुलवामा हमले में आतंकियों का ठिकाना बने घर को जब्त करने का आदेश दिया है। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने इसी घर में हमला रचने की साजिश की थी और बाद में इसमें शरण ली थी।
स्पेशल कोर्ट के अनुसार, यह घर 9.5 मरले में है और नसीमा बानो के नाम पर दर्ज है। नसीमा बानो आरोपी पीर तारिक अहमद शाह की पत्नी हैं। कोर्ट ने पाया कि आतंकियों मुहम्मद उमर फारूक, समीर अहमद डार और आदिल अहमद डार ने बम विस्फोट से पहले और बाद में इस घर में शरण ली थी, और उनके परिवार के सदस्यों ने भी आतंकियों को मदद पहुंचाई थी।
कोर्ट ने इस संपत्ति के किसी भी तरह के हस्तांतरण पर रोक भी लगा दी है। स्पेशल जज संदीप गंडोत्रा ने आवासीय मकान को जब्त करने का आदेश एनआईए के चीफ इन्वेस्टिंग ऑफिसर राजीव ओम प्रकाश पांडे की अर्जी पर दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर संपत्ति से आतंकवादी गतिविधियों में मदद मिलने का प्रमाण मिलता है, तो जब्ती के लिए मुख्य अभियुक्त का स्वामित्व होना जरूरी नहीं है।
पुलवामा हमला भारत का सबसे बड़ा आतंकवादी हमला था। इस हमले में विस्फोटकों से लदी मारुति इको कार CRPF के काफिले में घुसाकर आत्मघाती हमला किया गया था। कार में लगभग 200-300 किलो RDX था। यह हमला जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में अवंतीपोरा के पास हुआ था। जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में 40 CRPF जवान शहीद हुए जबकि 35 से अधिक घायल हुए।













