24 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: भारतीय रेलवे अब सिर्फ नई पटरियां बिछाने और ट्रेनों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। सरकार का फोकस तेजी से रेल यात्रियों की सुरक्षा, ऑटोमेशन और आधुनिक तकनीक पर बढ़ रहा है। इसी बदलाव के बीच Quadrant Future Tek नाम की एक उभरती हुई कंपनी रेलवे सेक्टर में बड़ा नाम बनती जा रही है।
शुरुआत में यह कंपनी रेलवे, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों के लिए केबल निर्माण तक सीमित थी, लेकिन समय के साथ इसने रेलवे की सुरक्षा से जुड़ी अत्याधुनिक सिग्नलिंग और कंट्रोल टेक्नोलॉजी में कदम रखा। इसकी तकनीक ट्रेनों की रफ्तार को नियंत्रित करने और आपात स्थिति में उन्हें अपने आप रोकने में सक्षम है, जिससे बड़े हादसों को टाला जा सकता है।
केबल बिजनेस से टेक्नोलॉजी तक का सफर
फिलहाल कंपनी की आय का बड़ा हिस्सा पारंपरिक केबल कारोबार से आता है। दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में कंपनी ने करीब 96 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक पूरे वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 125 से 140 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
रेलवे की सुरक्षा का नया ‘कवच’
रेल नेटवर्क के विस्तार के साथ मानवीय निगरानी पर निर्भर रहना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में रेलवे देशभर में कवच नाम का ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम तेजी से लागू कर रहा है। यह सिस्टम ट्रेनों की टक्कर और ओवरस्पीड जैसी घटनाओं को रोकने में मदद करता है।
Quadrant Future Tek ने इस तकनीक के लिए स्वदेशी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसे रेलवे का बड़ा भरोसा मिला है। यही तकनीक कंपनी के लिए आने वाले समय में गेम चेंजर साबित हो सकती है।
₹900 करोड़ से ज्यादा की ऑर्डर बुक
कंपनी के भविष्य की तस्वीर उसकी मजबूत ऑर्डर बुक से साफ झलकती है। दिसंबर 2025 तक कंपनी को करीब 919 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिल चुके हैं, जो उसकी मौजूदा सालाना कमाई से कई गुना ज्यादा हैं।
इन ऑर्डर्स में चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री और बनारस लोकोमोटिव वर्क्स जैसे बड़े सरकारी संस्थान शामिल हैं।
मुनाफा थोड़ा देर से, लेकिन उम्मीदें मजबूत
हालांकि इतने बड़े ऑर्डर के बावजूद कंपनी को असली मुनाफा 2027 के बाद दिखना शुरू होगा। फिलहाल नई सिग्नलिंग फैक्ट्रियों की स्थापना और इंजीनियरों की भर्ती पर भारी निवेश हो रहा है। इसी वजह से दिसंबर 2025 तक कंपनी को 27.6 करोड़ रुपये का EBITDA घाटा झेलना पड़ा है।
2025 के IPO में 290 करोड़ रुपये जुटाने के बाद कंपनी का शेयर करीब 291 रुपये पर कारोबार कर रहा है। बाजार जानकारों का मानना है कि रेलवे में सुरक्षा और ऑटोमेशन पर बढ़ते फोकस के चलते आने वाले वर्षों में यह स्टॉक निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकता है।













