युद्ध का नया मोर्चा: इथोपिया और इरिट्रिया के बॉर्डर पर तनाव, सैनिकों की तैनाती

18 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

International Desk:  अफ्रीका में एक नया युद्ध जोखिम सामने आया है। इथोपिया ने इरिट्रिया के साथ संभावित संघर्ष को लेकर पूरी तैयारी कर ली है और अपनी पश्चिमी सीमा पर सैनिकों की तैनाती तेज कर दी है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, इथोपिया का आरोप है कि इरिट्रिया उसके अंदर सक्रिय तिग्ने विद्रोहियों को हथियार सप्लाई करता है, जिससे अस्थिरता बढ़ रही है।

इरिट्रिया और इथोपिया: एक इतिहास
इरिट्रिया इथोपिया का पड़ोसी देश है, जो 1993 में इथोपिया से अलग होकर बना। दोनों देश ईसाई बहुल हैं, जबकि मुसलमान अल्पसंख्यक हैं। 1998 में दोनों देशों के बीच सीमा विवाद पर युद्ध हुआ था, जो दो साल तक चला और इसमें लगभग 1 लाख लोग मारे गए थे।

वर्तमान स्थिति
इथोपिया की सेना तिग्ने विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बॉर्डर पर पूरी तरह से तैनात है। सरकार का कहना है कि ये विद्रोही इरिट्रिया से हथियार पाते हैं और इथोपिया में हिंसा फैलाते हैं। पश्चिमी राजनयिक भी इस तनाव को लेकर चिंतित हैं।

2020 से 2022 के बीच तिग्ने विद्रोहियों ने इथोपिया में बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाई थी, जिससे गृहयुद्ध जैसा माहौल बन गया और करीब 6 लाख लोग मारे गए। उस समय युद्धविराम की घोषणा हुई थी, लेकिन स्थायी शांति स्थापित नहीं हो सकी। अब इथोपिया अपनी सेना के साथ पूरी तैयारी कर रहा है, जिससे इलाके पर नियंत्रण कायम किया जा सके।

नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता खतरा
दोनों देशों के बीच सीमावर्ती क्षेत्र में सैनिकों और विद्रोहियों की मौजूदगी से कोई भी समय तनाव और झड़प का नया मोर्चा बन सकता है। इथोपिया ने इरिट्रिया को सबक सिखाने का इरादा जाहिर किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं।