02 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: सेवा में की गई छोटी-सी लापरवाही भी कंपनी को महंगी पड़ सकती है—यह बात जिला उपभोक्ता आयोग के एक अहम फैसले से साफ हो गई है। आयोग ने 1,611 रुपये कीमत वाले पेन के मामले में बेंगलुरु स्थित विलियम पेन प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए शिकायतकर्ता को 7,000 रुपये हर्जाना देने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला सेक्टर-16 निवासी सिमरनजीत सिंह सिद्धू से जुड़ा है, जिन्होंने फ्लिपकार्ट ऐप के जरिए कंपनी का ‘केरेन डी’ऐक 849 बॉल पेन’ ऑर्डर किया था। ऑनलाइन विवरण के अनुसार पेन की बॉडी पीले रंग की और रिफिल काले रंग का दिखाया गया था। 20 जून 2021 को ऑर्डर देने के बाद छह दिन में पेन की डिलीवरी हुई, लेकिन पैकेट खोलने पर पेन का रंग ऑर्डर किए गए उत्पाद से अलग निकला।
शिकायतकर्ता ने उसी दिन रिप्लेसमेंट के लिए आवेदन किया। 6 जुलाई 2021 को कंपनी ने दूसरा पेन भेजा, लेकिन वह भी गलत रंग का ही था। लगातार गलत उत्पाद मिलने से परेशान होकर सिद्धू ने जिला उपभोक्ता आयोग का रुख किया।
सुनवाई के दौरान कंपनी ने तर्क दिया कि दोनों बार वही मॉडल भेजा गया था, जो ग्राहक ने ऑर्डर किया था, और वेबसाइट पर दिखाए गए रंग व वास्तविक उत्पाद के रंग में अंतर संभव है। हालांकि आयोग ने कंपनी की दलीलों को खारिज कर दिया। आयोग ने माना कि ग्राहक को बार-बार गलत उत्पाद भेजना सेवा में स्पष्ट लापरवाही है।
आयोग ने इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए कंपनी को शिकायतकर्ता के पक्ष में 7,000 रुपये हर्जाना अदा करने का आदेश दिया। यह फैसला कंपनियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि उपभोक्ता सेवा में लापरवाही का खामियाजा भारी पड़ सकता है।













