27 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Education Desk: भारत में इस साल भी उत्कृष्ट शिक्षकों को उनके योगदान के लिए नेशनल टीचर अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रदान किया जाता है।
शिक्षकों के योगदान का सम्मान
शिक्षक समाज की नींव होते हैं। वे न केवल ज्ञान का प्रसार करते हैं बल्कि बच्चों के भविष्य को भी आकार देते हैं। इन्हीं प्रयासों और समर्पण को मान्यता देने के लिए भारत सरकार हर साल नेशनल टीचर अवॉर्ड प्रदान करती है।
कौन पा सकता है यह सम्मान?
यह पुरस्कार प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर पढ़ाने वाले सरकारी व निजी स्कूलों के उन शिक्षकों को दिया जाता है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया हो। चयन प्रक्रिया में शिक्षक की नवाचार क्षमता, छात्रों के सर्वांगीण विकास के प्रयास और शिक्षा व समाज पर उनके सकारात्मक प्रभाव को प्रमुखता दी जाती है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को प्रेरित करना और उन्हें दूसरों के लिए उदाहरण बनाना है।
कब हुई शुरुआत?
नेशनल टीचर अवॉर्ड की शुरुआत 1958 में हुई थी। हर साल 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर, राष्ट्रपति भवन में चयनित शिक्षकों को यह सम्मान प्रदान किया जाता है। यह दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के रूप में भी मनाया जाता है। समय के साथ इस पुरस्कार का दायरा बढ़ा है और अब यह पूरे देश के श्रेष्ठ शिक्षकों को दिया जाता है, ताकि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य को प्रोत्साहन मिल सके।