01 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: सर्दियों के मौसम में रूखी और बेजान त्वचा से बचने के लिए कई लोग बॉडी लोशन की जगह सरसों के तेल का इस्तेमाल करते हैं। यह त्वचा को नमी देने के साथ-साथ उसे मुलायम और चमकदार बनाने में मदद करता है। हालांकि, इसके फायदे जितने हैं, उतने ही इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जिनके बारे में जानना जरूरी है। सरसों के तेल में मौजूद प्राकृतिक तत्व त्वचा की गहराई तक असर करते हैं, लेकिन गलत तरीके या अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने पर यह स्किन प्रॉब्लम्स भी बढ़ा सकता है। आइए जानते हैं इसके फायदे और नुकसान—
सरसों का तेल लगाने के फायदे
1. गहराई तक मॉइश्चराइज करता है
सरसों का तेल त्वचा की ऊपरी सतह के साथ-साथ अंदरूनी परतों तक नमी पहुंचाता है। इससे सर्दियों में होने वाला रूखापन, फटने की समस्या और खुरदरापन कम होता है।
2. ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाता है
हल्के हाथों से मसाज करने पर यह त्वचा में रक्त संचार को बढ़ाता है, जिससे स्किन सेल्स को पोषण मिलता है और त्वचा हेल्दी व ग्लोइंग नजर आती है।
3. एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण
सरसों के तेल में मौजूद एंटीबैक्टीरियल तत्व त्वचा को संक्रमण से बचाते हैं, जबकि एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं।
सरसों का तेल लगाने के नुकसान
1. एलर्जी की आशंका
संवेदनशील त्वचा वालों को सरसों के तेल से खुजली, लालिमा या रैशेज हो सकते हैं। इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।
2. ज्यादा तैलीयपन
अधिक मात्रा में लगाने से त्वचा पर चिपचिपापन और भारीपन महसूस हो सकता है, खासकर ऑयली स्किन वालों के लिए।
3. धूल-मिट्टी चिपकने का खतरा
बाहर निकलने से पहले तेल लगाने पर त्वचा पर धूल और प्रदूषण के कण चिपक सकते हैं, जिससे मुंहासे या इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
निष्कर्ष
सरसों का तेल सर्दियों में त्वचा के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में और सही तरीके से करना जरूरी है। संवेदनशील त्वचा वाले लोग खासतौर पर सावधानी बरतें।











