22 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: शेयर बाजार में धैर्य और लंबी अवधि का निवेश कई बार चौंकाने वाले नतीजे देता है। Izmo Limited इसका बड़ा उदाहरण बनकर उभरी है। कभी एक मामूली पेनी स्टॉक मानी जाने वाली इस कंपनी ने बीते 12 वर्षों में अपने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। साल 2013 में लगाए गए सिर्फ 1 लाख रुपये की वैल्यू आज बढ़कर करीब 1.23 करोड़ रुपये हो चुकी है, जिसने इसे एक चर्चित मल्टीबैगर स्टॉक बना दिया है।
अब Izmo Limited एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है, क्योंकि कंपनी ने अपने बिजनेस को नई दिशा देने का ऐलान किया है। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी अब सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक सॉल्यूशंस के क्षेत्र में कदम रखने जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टर, AI और 5G टेक्नोलॉजी से जुड़ा सेक्टर तेज़ी से बढ़ने वाला है, जिससे कंपनी को लंबी अवधि में फायदा मिल सकता है।
कंपनी के अनुमानों के अनुसार, ऑप्टिकल ट्रांसीवर मार्केट 2030 तक 28 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जबकि सिलिकॉन फोटोनिक्स से जुड़े सेमीकंडक्टर पैकेजिंग बाजार में 25–27 फीसदी सालाना ग्रोथ की संभावना जताई गई है। यह नया सेगमेंट Izmo के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
रिटर्न की बात करें तो अगस्त 2013 से अब तक इस शेयर ने 12,200 फीसदी से ज्यादा का उछाल दिखाया है। हालांकि, हाल के दिनों में बाजार की उठा-पटक का असर इस शेयर पर भी पड़ा है। NSE के आंकड़ों के मुताबिक, शेयर हाल ही में 793.50 रुपये के आसपास बंद हुआ। बीते एक महीने में इसमें करीब 19 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है, जबकि 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 1,374.70 रुपये रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव के बावजूद, कंपनी की नई रणनीति और टेक्नोलॉजी सेक्टर में एंट्री इसे भविष्य में एक बार फिर मजबूत बना सकती है।











