07 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: माइग्रेन को अक्सर लोग सिर्फ तेज सिरदर्द मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह समस्या महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर (High BP) के खतरे को भी बढ़ा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार माइग्रेन अटैक होने से शरीर में तनाव बढ़ता है, जो ब्लड प्रेशर को असंतुलित कर सकता है। खासतौर पर महिलाओं में हार्मोनल बदलाव इस जोखिम को और बढ़ा देते हैं।
आरएमएल हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें सिर के एक हिस्से में तेज और धड़कता हुआ दर्द होता है। इसके साथ मतली, उल्टी, चक्कर, तेज रोशनी और आवाज से परेशानी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। महिलाओं में यह समस्या हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण अधिक देखने को मिलती है।
माइग्रेन से कैसे बढ़ता है हाई बीपी का खतरा?
डॉ. गिरि के अनुसार, पीरियड्स, प्रेगनेंसी और मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन में बदलाव माइग्रेन को ट्रिगर करता है। माइग्रेन अटैक के समय ब्लड वेसल्स का सिकुड़ना और फैलना ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ा सकता है।
अगर माइग्रेन लंबे समय तक बना रहे, तो यह बीपी को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकता है। साथ ही नींद की कमी, मानसिक तनाव और बेचैनी भी हाई बीपी के बड़े कारण बनते हैं। कुछ दर्द निवारक दवाएं भी ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती हैं।
किन महिलाओं को ज्यादा खतरा?
लंबे समय से माइग्रेन से पीड़ित महिलाएं
मोटापा और तनाव भरी जीवनशैली
अनियमित नींद
स्मोकिंग या ज्यादा कैफीन का सेवन
परिवार में हाई बीपी या हार्ट डिजीज का इतिहास
मेनोपॉज की उम्र में पहुंच रही महिलाएं
कैसे करें बचाव?
माइग्रेन और हाई बीपी दोनों से बचाव के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल बेहद जरूरी है।
रोजाना 7–8 घंटे की नींद लें
तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें
नमक और कैफीन का सेवन सीमित रखें
नियमित वॉक और हल्की एक्सरसाइज करें
माइग्रेन ट्रिगर करने वाले फूड्स से बचें
पर्याप्त पानी पिएं और समय-समय पर बीपी जांच कराएं
डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं न लें और अगर माइग्रेन या ब्लड प्रेशर के लक्षण बढ़ें, तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें।













