06 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
पंजाब में टोल-मुक्त सड़कों की शुरुआत: मान सरकार ने 19 टोल प्लाजा बंद कराई, आम जनता को सालाना ₹225 करोड़ की राहत पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक और जनहितैषी कदम उठाया है। मार्च 2022 से अब तक राज्य सरकार ने पंजाब की सड़कों पर चल रही “टोल लूट” को खत्म करते हुए कुल 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं। इस फैसले से पंजाब के यात्रियों को प्रतिदिन लगभग ₹65 लाख और सालाना ₹225 करोड़ की सीधी बचत हो रही है।
यह कार्रवाई सिर्फ प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि आम लोगों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री मान ने साफ कर दिया है कि जिन टोल ऑपरेटरों ने अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया या सड़क की मरम्मत और सरकार को रॉयल्टी जमा करने में विफल रहे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इस अभियान की शुरुआत 2022 में हुई, जब संगरूर-लुधियाना रोड के लड्डा और अहमदगढ़ टोल प्लाजा बंद किए गए। इसके बाद 2022-23 में होशियारपुर, कीरतपुर साहिब और पटियाला समेत अन्य टोल प्लाजा बंद किए गए। अप्रैल 2024 और अक्टूबर 2025 में रकबा, महल कलां और जगराओं-नकोदर टोल प्लाजा बंद करने से राज्य की लगभग 590 किलोमीटर स्टेट हाईवे टोल-मुक्त हो गई।
मुख्यमंत्री मान ने बार-बार स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार आम जनता के हित को सर्वोपरि रखती है और भ्रष्टाचार या निजी कंपनियों की मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं करेगी। टोल-मुक्त सड़कों से किसानों, व्यापारियों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिली है और सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि जनता का पैसा विकास और जनहित में ही खर्च हो।
यह निर्णय पंजाब के इतिहास में आम आदमी की सबसे बड़ी जीतों में से एक माना जा रहा है और यह साबित करता है कि अगर राजनीतिक इच्छाशक्ति हो, तो जनता के पैसे की रक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त शासन संभव है।











