27 जून 2025 फैक्टर रिकॉर्डर
National Desk: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आयोग नागरिकता की आड़ में एनआरसी (NRC) को चुपचाप लागू करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि 1987 से 2024 के बीच जन्मे मतदाताओं से नागरिकता का प्रमाण मांगना इसी दिशा में एक कदम है।
वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताते हुए ममता बनर्जी ने कहा,
“चुनाव आयोग अब बीजेपी का औजार बन गया है। ये जो प्रक्रिया चलाई जा रही है, वह पूरी तरह एकतरफा है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।”
उन्होंने बताया कि उन्हें चुनाव आयोग से दो पत्र मिले हैं, जो बिहार से संबंधित हैं। ममता बनर्जी ने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया का दुरुपयोग कर नागरिकता के नाम पर लोगों को सूची से बाहर किया जा सकता है।
“मैं एक घोषणा पत्र को लेकर भी चिंतित हूं। ये बहुत खतरनाक साबित हो सकता है — यहां तक कि एनआरसी से भी ज्यादा। इसमें बहुत गड़बड़ है,” उन्होंने कहा।
ममता ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में इस प्रक्रिया का कोई विरोध नहीं होगा क्योंकि वहां भाजपा की सरकार है।
“बीजेपी को बंगाल से डर लग रहा है, इसलिए वो हमें निशाना बना रही है। लेकिन हम चुप नहीं बैठेंगे। चुनाव आयोग को यह याद रखना होगा कि वह संविधान के प्रति जवाबदेह है, न कि किसी राजनीतिक दल के प्रति,” ममता बनर्जी ने दो टूक कहा।
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की और इस पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की है।












