30 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में 18 मार्च को हुई चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी की दिनदहाड़े हत्या मामले में पुलिस जांच के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं। हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार शूटरों को कजहेड़ी इलाके में ले जाकर पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण (रीक्रिएशन) कराया और साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों की पहचान करवाई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी राजन उर्फ पीयूष पहलवान और प्रीतम वारदात से पहले 15 और 16 मार्च को कजहेड़ी के एक होटल में ठहरे थे। इसी दौरान उन्होंने चिन्नी की गतिविधियों पर नजर रखी और हत्या की पूरी योजना तैयार की। जांच टीम आरोपियों को उन जगहों पर भी लेकर गई, जहां से उन्होंने मूवमेंट की और वारदात के बाद भागने के रास्ते तय किए।
जांच में यह भी सामने आया कि इस वारदात के पीछे गैंगस्टर लक्की पटियाल का नेटवर्क सक्रिय था। उसने ही शूटरों को बाइक और हथियार उपलब्ध कराए। पहले बाइक कजहेड़ी पहुंचाई गई, जबकि अगले दिन पेट्रोल पंप के पास हथियार सौंपे गए। आरोपियों ने पुलिस को वह स्थान भी दिखाया, जहां उन्हें हथियार दिए गए थे।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी राजन इससे पहले जनवरी में भी कजहेड़ी आकर रेकी कर चुका था, लेकिन उस समय वारदात नहीं हो सकी थी। पुलिस की ऑपरेशन सेल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ की और साजिश की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश की।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी सीधे गैंगस्टर के संपर्क में थे और पैसों के लालच में इस वारदात में शामिल हुए। प्रीतम ने बताया कि उसे जन्मदिन पर पैसे भेजे गए थे, जिसके बाद वह इस साजिश का हिस्सा बना।
अब मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) आरोपियों को रिमांड पर लेकर गैंगस्टर नेटवर्क, हथियार सप्लाई चेन और अन्य संभावित टारगेट्स को लेकर गहन पूछताछ करेगी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।













