12 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Education Desk: केरल सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य का पहला एआई-संचालित मुफ्त प्रवेश कोचिंग प्रोग्राम शुरू किया है। सामान्य शिक्षा विभाग की टेक्नोलॉजी शाखा KITE (Kerala Infrastructure and Technology for Education) द्वारा शुरू किया गया यह कार्यक्रम सरकारी स्कूलों के उच्च माध्यमिक और व्यावसायिक उच्च माध्यमिक छात्रों के लिए तैयार किया गया है।
इस पहल के तहत विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी संकाय के लगभग 8 लाख छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
‘की टू एंट्रेंस’ से स्मार्ट तैयारी
KITE द्वारा शुरू किया गया यह कार्यक्रम ‘Key to Entrance’ नाम से जाना जाएगा। यह भारत में पहली बार है जब किसी राज्य सरकार ने सभी स्ट्रीम के छात्रों के लिए AI तकनीक के जरिए मुफ्त प्रवेश कोचिंग उपलब्ध कराई है।
कार्यक्रम के तहत छात्रों को:
व्यक्तिगत अध्ययन योजनाएं
AI आधारित मॉक टेस्ट
प्रदर्शन के अनुसार प्रश्नों का चयन
परीक्षा की तैयारी के लिए व्यावहारिक अभ्यास
जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
छात्र की क्षमता के अनुसार सवाल
KITE के सीईओ के. अनवर सदात ने बताया कि ‘समग्र AI लर्निंग रूम’ के जरिए सिस्टम हर छात्र की सीखने की गति और परीक्षा प्रदर्शन का विश्लेषण करता है। इसके आधार पर छात्रों को तीन स्तरों—
प्रारंभिक, मध्यवर्ती और उत्कृष्ट— में प्रश्न सेट उपलब्ध कराए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि पोर्टल पर विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा सत्यापित 20,000 से अधिक प्रश्न उपलब्ध हैं।
25 फरवरी से नए विषय भी होंगे शामिल
फिलहाल पोर्टल पर भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, अर्थशास्त्र, लेखांकन, व्यवसाय अध्ययन और राजनीति विज्ञान जैसे विषय उपलब्ध हैं।
25 फरवरी से अंग्रेजी, तर्कशक्ति (Reasoning) और सामान्य ज्ञान का प्रशिक्षण भी शुरू किया जाएगा।
ऐसे मिलेगा पोर्टल का एक्सेस
कक्षा 11 और 12 के छात्र अपने स्कूल द्वारा दिए गए लॉगिन विवरण के जरिए
www.entrance.kite.kerala.gov.in
पर जाकर इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। छात्र का उच्च माध्यमिक या व्यावसायिक आवेदन क्रमांक ही यूजर आईडी होगा।
पासवर्ड स्कूल के प्रधानाचार्य या नोडल शिक्षक द्वारा जारी किया जाएगा। पोर्टल पर उपयोगकर्ता गाइड और वीडियो ट्यूटोरियल भी उपलब्ध हैं।
डिजिटल सुविधाओं का भी ध्यान
KITE ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जिन छात्रों के पास निजी डिजिटल डिवाइस या इंटरनेट की सुविधा नहीं है, उनके लिए स्कूलों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा छात्र KITE VICTERS चैनल और उसके यूट्यूब चैनल के जरिए कभी भी कक्षाएं देख सकते हैं।











