24 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Haryana Desk: हरियाणा सरकार ने रसोई गैस व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य में जिन घरों तक पाइप नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा पहुंच चुकी है, वहां अब एलपीजी सिलिंडर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक के बाद लिया गया, जिसमें राज्य में गैस आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में तय किया गया कि जहां PNG पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को उसी पर शिफ्ट करना होगा। अगर किसी घर में PNG कनेक्शन होने के बावजूद एलपीजी कनेक्शन रखा जाता है, तो इसे गैरकानूनी माना जाएगा। ऐसे मामलों में उपभोक्ता सरकारी तेल कंपनियों से गैस सिलिंडर की रिफिल भी नहीं ले सकेंगे।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी इलाके में PNG की पाइपलाइन मौजूद है और उपभोक्ता PNG कनेक्शन लेने से इनकार करता है, तो उसका एलपीजी कनेक्शन सस्पेंड किया जा सकता है। जिन घरों में PNG मीटर पहले से लगाए जा चुके हैं, वहां तुरंत प्रभाव से एलपीजी सप्लाई बंद करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि एक ही घर में दोहरी गैस व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो सके।
राज्य सरकार ने सभी उपायुक्तों, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों और सिटी गैस कंपनियों को इस फैसले को सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पाइपलाइन बिछाने में आने वाली बाधाओं जैसे रोड कटिंग और राइट ऑफ वे की समस्याओं को भी तुरंत दूर करने को कहा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा घरों तक PNG कनेक्शन पहुंचाया जा सके।
सरकार का कहना है कि PNG गैस एलपीजी की तुलना में 10 से 15 प्रतिशत तक सस्ती, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक है। इससे सिलिंडर की ढुलाई, गैस खत्म होने और ब्लैक मार्केटिंग जैसी समस्याओं से भी राहत मिल सकेगी।













