04 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: नई दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ‘एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026’ के तहत 1 नवंबर 2026 से राजधानी में केवल BS-VI, CNG और इलेक्ट्रिक (EV) माल वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि प्रदूषण फैलाने वाले पुराने और गैर-जरूरी ट्रकों पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी। नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग और ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना भी है। इसके तहत 2029 तक 13,760 बसों को सड़कों पर उतारने की योजना बनाई गई है, जिसमें बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए अगले चार वर्षों में करीब 32,000 नए EV चार्जिंग पॉइंट्स स्थापित किए जाएंगे। नई EV नीति में टू-व्हीलर और कमर्शियल वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि प्रदूषण में तेजी से कमी लाई जा सके।
धूल और कचरा प्रबंधन पर भी सरकार का खास फोकस है। ओखला, भलस्वा और गाजियाबाद के लैंडफिल साइट्स को तय समयसीमा में साफ करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही सड़कों पर मैकेनिकल स्वीपिंग और एंटी-स्मॉग गन का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा।
तकनीक के जरिए निगरानी को और मजबूत बनाया जाएगा। AI आधारित सिस्टम, C&D पोर्टल 2.0, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और ‘ग्रीन वॉर रूम’ के माध्यम से प्रदूषण स्रोतों पर 24×7 नजर रखी जाएगी।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में वर्क-फ्रॉम-होम और अलग-अलग ऑफिस टाइमिंग जैसे उपाय भी लागू किए जा सकते हैं। यह योजना केवल घोषणा नहीं, बल्कि सख्त अमल पर आधारित अभियान के रूप में लागू की जाएगी।













