6 Feb 2025: Fact Recorder
अमेरिका से जबरन निकाले गए भारतीय अब धीरे-धीरे अपने घर पहुंचने लगे है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका पहुंचने के लिए इन भारतीयों ने अपनी घर-जमीन सब बेच दिया। ऐसे में अब उनके डिपोर्ट होने से उम्मीदों को बड़ा धक्का लगा है।
हरियाणा के 33 लोगों की अमेरिका से वतन वापसी हुई है। कुल 104 लोगों को लेकर अमेरिकी सैन्य विमान बुधवार दोपहर 2 बजे अमृतसर के एयरबेस पर उतरा। इसमें पंजाब के 30, हरियाणा और गुजरात के 33 लोग थे। हरियाणा के 33 में 11 लोग कैथल जिले से थे। वहीं 7 लोग ऐसे हैं, जिनकी उम्र 20 साल से कम है। इन सभी के विदेश जाने की कहानियां बड़ी ही दिलचस्प है। आइये जानते हैं कैथल के रहने वाले अमन की कहानी।
डिपोर्ट में हुए लोगों में कैथल का अमन भी शामिल हैं। अमन कैथल के अटेला गांव का रहने वाला है। उसके परिजनों ने बताया कि वह करीब 5 महीने पहले अमेरिका गया था। लेकिन वहां जाते ही पुलिस ने अमन को अरेस्ट कर लिया। अमन के पिता कृष्ण ने बताया कि उन्होंने बेटे को विदेश भेजने के लिए एजेंट से करीब 35 लाख रुपये में डील की थी।
धरे रह गए अरमान
उन्होंने बताया कि कुछ पैसे दे भी दिए, कुछ पहुंचाने के बाद देने की बात हुई थी। कृष्ण ने बताया कि उन्होंने यह रकम रिश्तेदारों और मित्रों से ली थी। कृष्ण ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि बेटा अमेरिका पहुंचेगा तो वहां अच्छी कमाई करेगा। जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। लेकिन बेटे की वापसी की खबर सुनकर सारे अरमान और सपने धरे रह गए।
26 जनवरी को अमेरिका पहुंचा था आकाश
ऐसी ही एक कहानी करनाल के घरौंडा गांव के आकाश की है। आकाश इसी साल 26 जनवरी को अमेरिका पहुंचा था। गांव के सरपंच दीपेंद्र ने बताया कि आकाश हमारे परिवार से ही है। वह अपनी जमीन बेचकर और कर्ज उठाकर 73 लाख रुपये खर्च कर अमेरिका गया था। वह 3 महीने पहले घर से निकला था और 26 जनवरी को अमेरिका पहुंचा था। पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है।












