26 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: चंडीगढ़। Kotak Mahindra Bank की पंचकूला सेक्टर-11 शाखा में करीब ₹150 करोड़ के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। इस घटना ने निजी बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे सामने आया मामला?
यह मामला तब उजागर हुआ जब Panchkula Municipal Corporation ने अपनी मैच्योर हो चुकी ₹58 करोड़ की एफडी राशि को अपने खाते में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। बैंक रिकॉर्ड्स में पैसा ट्रांसफर दिखाया गया, लेकिन नगर निगम के खाते में रकम पहुंची ही नहीं।
जांच में क्या खुलासा हुआ?
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि:
- बैंक द्वारा जारी एफडी रसीदें (FDRs) और स्टेटमेंट फर्जी थे
- नगर निगम का पैसा असली खातों की बजाय संदिग्ध थर्ड-पार्टी खातों में ट्रांसफर किया गया
- जांच आगे बढ़ने पर घोटाले की रकम ₹58 करोड़ से बढ़कर ₹150 करोड़ से ज्यादा हो गई
बैंक और सरकार की कार्रवाई
Kotak Mahindra Bank ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि:
- वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है
- खातों का विस्तृत मिलान (Reconciliation) किया जा रहा है
- पंचकूला पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है
वहीं हरियाणा सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच State Vigilance and Anti-Corruption Bureau को सौंप दी है।
बढ़ती चिंता: निजी बैंकों पर सवाल
यह घटना हाल ही में IDFC FIRST Bank में सामने आए ₹590 करोड़ के घोटाले के बाद हुई है। लगातार ऐसे मामलों के सामने आने से:
- सरकारी फंड की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं
- निजी बैंकों की विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा है
सरकार अब उन बैंकों को सरकारी कामकाज से हटाने (De-empanel) पर विचार कर रही है, जो सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते।













