मीडिया दल ने किया अवलोकन
25 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: शिमला। ओडिशा के विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों और प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हिमाचल प्रदेश के 5 दिवसीय दौरे के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के ब्राहदी ब्रिज स्थित प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) का दौरा किया। यह इकाई क्षेत्रीय कार्यालय (RO) शिमला के अंतर्गत आती है।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत एनएचएआई के अधिकारियों—डिप्टी मैनेजर श्री दिग्व्रत सिंह, मैनेजर (टेक्निकल) श्री अशोक कुमार झा और साइट इंजीनियर श्री अमित ठाकुर—ने किया। इस दौरान अधिकारियों ने देश की महत्वाकांक्षी किरातपुर–मनाली फोर लेन परियोजना की विस्तृत जानकारी साझा की।
श्री अमित ठाकुर ने प्रस्तुति के दौरान बताया कि यह परियोजना सामरिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। परियोजना के तहत सड़क की कुल लंबाई को वर्तमान करीब 237 किमी से घटाकर लगभग 190 किमी कर दिया गया है, जिससे करीब 46.9 किमी की दूरी कम होगी और यात्रा समय में लगभग 4.5 घंटे की बचत होगी। इस परियोजना में कुल 29 सुरंगों का निर्माण प्रस्तावित है,
जिनमें 8 अतिरिक्त और 1 मौजूदा सुरंग शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे मंडी, कुल्लू और मनाली जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में आवागमन आसान होगा। साथ ही, यह परियोजना पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सड़क सुरक्षा और पशु संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एक अभिनव पहल की है। किरातपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिलासपुर जिले में एनएचएआई का पहला आधुनिक गौशाला केंद्र स्थापित किया गया है, जिसकी क्षमता 150 मवेशियों की है। इस गौशाला में पशुओं के लिए समुचित देखभाल की व्यवस्था की गई है। यहां स्थायी गौशाला के साथ-साथ पशु चिकित्सक की सुविधा उपलब्ध है, ताकि घायल या बीमार पशुओं का तुरंत इलाज किया जा सके। इसके अतिरिक्त, आपातकालीन स्थिति के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है, जिससे हाईवे पर दुर्घटनाग्रस्त या भटकते पशुओं को सुरक्षित स्थान तक लाया जा सके।
मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना के व्यापक पैमाने और तकनीकी जटिलता की सराहना करते हुए एनएचएआई के प्रयासों को सराहा और कहा कि इस तरह की परियोजनाएं देश के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई दे रही हैं।













