औरंगजेब मामले में छिड़े विवाद के बीच नागपुर के कई हिस्सों में 17 मार्च को बड़े पैमाने पर पथराव और आगजनी की खबरें आईं। इस हिंसा के बाद राजनीतिक दलों में बयानबाजी जारी है। इस बयानबाजी के पीछे राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण साध रहे हैं। नागपुर की हिंसा के पीछे की क्या साजिश है? इसे लेकर हो रही है सियासत पर इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, विनोद अग्निहोत्री, पूर्णिमा त्रिपाठी, समीर चौगांवकर और हर्षवर्धन त्रिपाठी मौजूद रहे।
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रामकृपाल सिंह: यह योजना पहले से थी। इसे मैं नहीं मनता कि यह केवल आक्रोश था। समाज में इस तरह की तमाम ताकतें हैं। ये ताकतें ज्यादा संगठित हो रही हैं। प्रशासन को भी चाहिए था कि वो त्वरित कार्रवाई करे, लेकिन वह हाथ पर हाथ धरे बैठा है। इससे माहौल विषाक्त हो रहा है। नागपुर की घटना पूरी तरह से सुनियोजित घटना था। इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। ममला कानूनी तौर पर विचाराधीन है, इसलिए इसमें कौन गलत, कौन सही कर रहा है इस पर टिप्पणी नहीं करुंगा।