08 January 2026 Fact Recorder
Haryana Desk: करनाल के अतिरिक्त उपायुक्त योगेश मेहता ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बागवानी क्षेत्र को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। इसी कड़ी में सब्जी उत्पादन, मशरूम खेती और आधुनिक तकनीकों पर आधारित खेती के लिए विशेष अनुदान योजनाएं लागू की गई हैं, जिनके तहत किसानों को आकर्षक आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
एडीसी योगेश मेहता के अनुसार, सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रति एकड़ 15,000 से 25,500 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। वहीं, बांस आधारित सब्जी उत्पादन अपनाने वाले किसानों को 31,250 से 53,125 रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। आयरन स्टेकिंग तकनीक के उपयोग पर किसानों को 70,500 से 1,19,850 रुपये तक का अनुदान मिल रहा है। इसके अलावा प्लास्टिक मल्चिंग के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से सब्सिडी दी जा रही है।
मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने विशेष सहायता तय की है। इसके तहत मशरूम झोपड़ी निर्माण पर 22,500 से 25,500 रुपये और मशरूम ट्रे के लिए प्रति किसान 15,000 से 25,500 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही, बागवानी मशीनरी और उपकरणों की खरीद पर किसानों को लागत मूल्य का 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
इस मौके पर जिला बागवानी अधिकारी कमल कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा चलाई जा रही इन योजनाओं का लाभ उठाकर जिले के किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उन्नत और अधिक लाभकारी खेती को अपना रहे हैं। विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग से किसानों की आमदनी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर अपनी बागवानी फसलों का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। अनुदान का वितरण पहले आओ–पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। योजना के तहत एक किसान अधिकतम 5 एकड़ तक सब्जी फसलों पर अनुदान का लाभ उठा सकता है।













