Karnal-Anganwadi-workers-protest-third-day-demands-update | करनाल में आंगनबाड़ी वर्करों धरना समाप्त: पोषण ट्रैकर ऐप और मोबाइल की दिक्कतों पर उठाई आवाज, कर्मचारी बोली-मिल रही धमकियां – Gharaunda News

करनाल में नारेबाजी करते हुए आंगनबाड़ी वर्कर।

आंगनवाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर करनाल उपायुक्त कार्यालय पर लगातार तीसरे दिन भी धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सरकार को दो ज्ञापन सौंपे गए। पहला ज्ञापन महिला एवं बाल विकास मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को दिया ग

आंदोलन तेज करने की चेतावनीधरने में शामिल सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी, जगपाल राणा, ओपी. माटा और अन्य नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो जल्द ही राज्य कमेटी की बैठक बुलाकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यूनियन ने आरोप लगाया कि विभाग की मंत्री, निदेशक और कमिश्नर से कई बार बातचीत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

नारेबाजी करते हुई वर्कर्स।

नारेबाजी करते हुई वर्कर्स।

मोबाइल फोन बने परेशानी का कारण

यूनियन ने प्रमुख रूप से पोषण ट्रैकर ऐप से जुड़ी समस्याओं को उठाया। सरकार ने आंगनबाड़ी वर्करों को जो मोबाइल दिए हैं, वे केवल 3GB रैम के हैं और लगातार अपडेट हो रहे पोषण ट्रैकर ऐप को सुचारू रूप से चला पाने में असमर्थ हैं। टेक होम राशन भरते समय ऐप लाभार्थी की फोटो मांगता है, लेकिन राशन कभी बच्चों की दादी, कभी मां लेने आती हैं। ऐसे में यह शर्त हटाई जानी चाहिए कि हर महीने केवल एक ही व्यक्ति राशन ले जाए।

OTP प्रक्रिया से साइबर ठगी का डर

वर्कर्स ने पोषण ट्रैकर ऐप में फोटो कैप्चर और केवाईसी के दौरान OTP की अनिवार्यता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोग साइबर ठगी के डर से OTP साझा करने में हिचकिचाते हैं, जबकि गरीब परिवार 100 ग्राम राशन के लिए अपना OTP देना पसंद नहीं करते। साथ ही, मोबाइल की खराबी के कारण वर्कर्स पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है, और उन्हें तरह-तरह की धमकियां मिल रही हैं।

अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए आंगनबाड़ी वर्कर।

अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए आंगनबाड़ी वर्कर।

झूठे मुकदमों को रद्द करने की मांग

यूनियन ने 2021-22 की हड़ताल के दौरान वर्कर्स पर दर्ज झूठे मुकदमों को खत्म करने की मांग की। टर्मिनेट की आंगनबाड़ी वर्कर सुमन जींद को बहाल करने की भी मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की, कि खाली पड़े पदों पर जल्द से जल्द भर्ती की जाए। प्रमोशन कोटे को 25% से बढ़ाकर 50%किया जाए, ताकि अधिक से अधिक वर्कर्स को आगे बढ़ने का अवसर मिले। पीएमएमवाई योजना के तहत वर्कर्स को मेहनताना देने की भी मांग की गई।