करनाल में मांगों को लेकर धरना देते हुए आंगनवाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स।
करनाल में आंगनवाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर जिला सचिवालय के सामने दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और महिला एवं बाल विकास विभाग पर अनदेखी का आरोप लगाया। यूनियन ने चेतावनी दी कि
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राज्य प्रधान रूपा राणा व बिजनेश राणा ने बताया कि 26 मार्च को धरना शुरू हुआ था और 28 मार्च तक चलेगा। उन्होंने अपनी मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर्स को विभाग की ओर से जो मोबाइल फोन दिए गए हैं, वे केवल 3GB रैम के हैं।
पोषण ट्रैकर ऐप का वर्जन लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे ये फोन सही से काम नहीं कर रहे। THR(टेक होम राशन) भरते समय बेनीफिशियरी का फोटो मांगा जाता है और हर महीने वही व्यक्ति राशन लेने आए, यह शर्त लगाई गई है। लेकिन कई बार बच्चों की मां या दादी राशन लेने आती हैं, इसलिए यह नियम हटाया जाना चाहिए।

करनाल में धरना देते हुए ग्रामीण क्षेत्र से आई आंगनबाड़ी वर्कर।
ओटीपी को लेकर लोगों में साइबर ठगी का डर
वर्कर्स ने कहा कि पोषण ट्रैकर ऐप में केवाईसी के लिए ओटीपी की जरूरत होती है, लेकिन गरीब परिवार साइबर ठगी के डर से ओटीपी साझा करने में हिचकिचाते हैं। 100 ग्राम राशन के लिए कोई भी व्यक्ति अपना ओटीपी देना पसंद नहीं करता, जिससे काम करने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा, विभाग की ओर से वर्कर्स को धमकियां दी जा रही हैं, जिससे वे मानसिक तनाव में हैं।
टर्मिनेट वर्कर सुमन जींद को बहाल करने की मांग
धरने में शामिल वर्कर्स ने टर्मिनेट की गई आंगनवाड़ी वर्कर सुमन जींद को बहाल करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि खाली पड़े पदों पर जल्द भर्ती होनी चाहिए और प्रमोशन कोटे को 25% से बढ़ाकर 50% किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पीएम एमवाई का मेहनताना दिया जाए और जो वर्कर अपने आंगनवाड़ी केंद्र के अलावा दूसरे केंद्रों का भी काम संभाल रही हैं, उन्हें कम से कम आधा मानदेय अतिरिक्त दिया जाए। इसके अलावा, हेल्पर के खाली पड़े पदों को तुरंत भरा जाए और सभी कर्मियों का मानदेय समय पर भुगतान किया जाए।
यूनियन ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द इस मसले पर ध्यान देने और आंगनवाड़ी कर्मियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की।











