चीन ने एक बार फिर भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को कहा कि चीन और भारत को और अधिक निकटता से मिलकर काम करना चाहिए। दोनों देशों रिश्ते को ड्रैगन-हाथी टैंगो का रूप लेना चाहिए। यह हमारे प्रतीकात्मक जानवरों के बीच नृत्य है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चीन-भारत के राजनयिक संबंधों की शुरुआत की 75वीं वर्षगांठ पर बधाई संदेश में चीनी राष्ट्रपति ने यह बात कही। इस मौके पर राष्ट्रपति मुर्मू ने भी चीनी राष्ट्रपति को बधाई दी।
शी जिनपिंग ने कहा कि पड़ोसियों को शांतिपूर्ण ढंग से सह-अस्तित्व के तरीके ढूंढने चाहिए। वह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मामलों में संचार और समन्वय को बढ़ाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त रूप से शांति की रक्षा करने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बधाई संदेशों का आदान-प्रदान किया।
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पिछले साल सुधरे दोनों देशों के रिश्ते
भारत और चीन ने पिछले साल बातचीत के बाद एक समझौते के तहत पूर्वी लद्दाख के अंतिम दो टकराव बिंदुओं, देपसांग और डेमचोक से सैनिकों की वापसी सुनिश्चित की। जिससे पिछले चार साल से अधिक समय से दोनों देशों के बीच चल रहा तनाव बहुत हद तक कम हो गया। समझौते को अंतिम रूप देने के बाद मोदी और शी ने 23 अक्तूबर को कजान में वार्ता की। बैठक में दोनों पक्षों ने विभिन्न स्तरों पर बातचीत फिर से शुरू करने का निर्णय लिया। इसके बाद, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और वांग ने 18 दिसंबर को बीजिंग में 23वीं विशेष प्रतिनिधि (एसआर) वार्ता की।
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दोनों देशों के बीच सकारात्मक दिशा में हुई वार्ता
बता दें कि विगत 25 मार्च को भारत और चीन के कूटनीतिक अधिकारियों ने आपसी संबंधों को बेहतर बनाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने पर विचार-विमर्श किया। यह बैठक दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण मौका थी, जिसमें एलएसी पर तनाव को कम करने और भविष्य में ऐसे वार्तालापों को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।
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