Jind Amarnath Yatra pilgrims medical certificate mandatory hospital medical examination started|Haryana | अमरनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं बनवाना होगा मेडिकल सर्टिफिकेट: जींद के सिविल अस्पताल में मेडिकल-सर्टिफिकेट की प्रक्रिया शुरू, 3 से शुरू हो सकती है यात्रा – Jind News

जींद के सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए पहुंचे लोग।

जींद जिले से अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया है। इसे लेकर जींद के सिविल अस्पताल में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तीन जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू होने की संभावना है।

बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की मेडिकल फिटनेस जांच शुरू करने के आदेश जारी किए हैं। अमरनाथ यात्रा इस वर्ष तीन जुलाई से शुरू होने की संभावना है और आगामी 9 अगस्त तक जारी रहेगी।

मुख्यालय से जारी हो चुके आदेश

हर बार की तरह इस बार भी सावन माह में श्रावणी मेले के दौरान बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं ने अपनी तैयारियां कर ली हैं। स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय से आदेश जारी होने के बाद जींद के सिविल अस्पताल में श्रद्धालुओं की मेडिकल जांच शुरू हो गई है।

अमरनाथ श्राइन बोर्ड की वेबसाइट से चिकित्सा जांच करवाने के लिए फार्म डाउनलोड करना होगा। इसके बाद जिला सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच प्रमाण पत्र बनवाने के लिए फार्म के साथ पासपोर्ट फोटो लगाना होगा। चिकित्सा जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद कमरा नंबर 22 में डिप्टी एमएस के साइन होंगे। इसके बाद सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।

जींद सिविल अस्पताल के डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला।

जींद सिविल अस्पताल के डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला।

मेडिकल के लिए 100 रुपए फीस निर्धारित

इसके बाद इसे संबंधित बैंक की शाखा में पंजीकरण कराना होगा, जहां मेडिकल सर्टिफिकेट, आधार कार्ड की फोटो प्रति होना जरूरी है। मेडिकल के लिए 100 रुपए की पर्ची कटती है, जबकि बैंक में प्रति व्यक्ति रजिस्ट्रेशन फीस 150 रुपए रखी गई है। इसके बाद बैंक की ओर से यात्रा शुरू करने के लिए तारीख जारी की जाएगी।

बैंक में रजिस्ट्रेशन के दौरान हर व्यक्ति को बायोमीट्रिक निशान देना होगा। अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की उम्र 14 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। छह सप्ताह या उससे ज्यादा की गर्भवती अमरनाथ की यात्रा नहीं कर सकती हैं। अमरनाथ की यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी ऊंचे तक चढ़ाई चढऩी होती है तो इसकी वजह से सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने का काम शुरू : डा. राजेश भोला

यही कारण है कि अस्थमा और फेफड़ों से संबंधित तकलीफ से जूझने वाले श्रद्धालु इस यात्रा के लिए शारीरिक रूप से फिट नहीं माने जाते हैं। सिविल अस्पताल के डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने बताया कि अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की मेडिकल जांच शुरू हो गई है। जिस भी श्रद्धालु को अमरनाथ जाना है, उसके लिए मेडिकल का एक निर्धारित फार्म है।