23 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Rashifal Desk: पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। आज गुप्त नवरात्र का पांचवां दिन है और इसी के साथ वसंत पंचमी 2026 का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है। यह दिन ज्ञान, बुद्धि और वाणी की देवी मां सरस्वती की उपासना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां सरस्वती की साधना से ज्ञानवृद्धि और करियर में सफलता प्राप्त होती है।
आज कई शुभ योग भी बन रहे हैं। आइए जानते हैं आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang 23 January 2026) विस्तार से—
🕉️ आज का पंचांग
तिथि: शुक्ल पंचमी (24 जनवरी को रात्रि 01:46 बजे तक)
मास (पूर्णिमांत): माघ
वार: शुक्रवार
संवत: 2082
योग: परिघ (दोपहर 03:59 बजे तक)
करण:
बव (दोपहर 02:10 बजे तक)
बालव (24 जनवरी रात्रि 01:46 बजे तक)
🌅 सूर्योदय और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: प्रातः 07:13 बजे
सूर्यास्त: सायं 05:53 बजे
चंद्रोदय: प्रातः 09:52 बजे
चंद्रास्त: सायं 10:18 बजे
⏰ आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:12 बजे से 12:54 बजे तक
अमृत काल: नहीं है
⚠️ आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 11:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 08:33 बजे से 09:53 बजे तक
यमगंड: दोपहर 03:13 बजे से सायं 04:33 बजे तक
🌙 आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव पूर्वभाद्रपद नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
पूर्वभाद्रपद नक्षत्र: दोपहर 02:33 बजे तक
नक्षत्र की विशेषताएं:
क्रोधी स्वभाव, स्थिर मन, अनुशासनप्रिय, गंभीर व्यक्तित्व, उदार, दानशील, ईमानदार और बुद्धिमान
नक्षत्र स्वामी: केतु देव
राशि स्वामी: बृहस्पति देव
देवता: निरति (विनाश की देवी)
प्रतीक: वृक्ष की जड़ें
वसंत पंचमी 2026 का महत्व
वसंत पंचमी सनातन परंपरा का एक पावन और उल्लासपूर्ण पर्व है, जो ऋतु परिवर्तन और प्रकृति में नवजीवन का संकेत देता है। इसी दिन विद्या, बुद्धि और वाणी की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है।
इस दिन पीले वस्त्र पहनने और पीले पुष्प अर्पित करने की परंपरा है, जो ज्ञान, प्रसन्नता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। विद्यार्थी इस दिन अध्ययन का शुभारंभ कर विद्या प्राप्ति की कामना करते हैं।
🙏 वसंत पंचमी पूजा विधि
प्रातः स्नान कर स्वच्छ पीले या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें
पूजा स्थान को साफ कर पीले रंग का आसन बिछाएं
मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
देवी को पीले पुष्प, पीले वस्त्र और अक्षत अर्पित करें
धूप, दीप और नैवेद्य अर्पण करें
सरस्वती वंदना या मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें
पुस्तकों, कलम और वाद्य यंत्रों की पूजा करें
अंत में मां सरस्वती से विद्या, बुद्धि और विवेक की प्रार्थना करें













