12 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Rashifal Desk: विदेशों में भी जगमगा रही जन्माष्टमी: लंदन से दुबई तक कृष्ण मंदिरों की भव्य सजावट और उत्सव
भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में धूमधाम से मनाई जाती है। इस वर्ष जन्माष्टमी 16 अगस्त को है, और जैसे ही मध्यरात्रि 12 बजे का समय होगा, मंदिरों में कृष्ण जन्म का उल्लास चरम पर होगा।
विदेशों में बसे भारतीय समुदाय और स्थानीय भक्त भी इस पर्व को बड़े उत्साह से मनाते हैं। खासकर लंदन, न्यूयॉर्क और दुबई के कृष्ण मंदिर जन्माष्टमी पर रंग-बिरंगी सजावट, भजन-कीर्तन, झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जगमगा उठते हैं। यहां यह पर्व सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का जीवंत उत्सव बन जाता है।
लंदन का सोहो स्ट्रीट कृष्ण मंदिर
लंदन स्थित इस्काॅन मंदिर को जन्माष्टमी पर फूलों और लाइट्स से सजाया जाता है। सुबह से ही भजन-कीर्तन, रथयात्रा और प्रसाद वितरण का सिलसिला शुरू हो जाता है। यहां भारतीयों के साथ-साथ विदेशी भक्त भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
न्यूयॉर्क का ब्रुकलिन कृष्ण मंदिर
ब्रुकलिन का भव्य कृष्ण मंदिर जन्माष्टमी की रात भजनों, ‘लीला ड्रामा’ और आधी रात के जन्मोत्सव के लिए प्रसिद्ध है। यहां महाप्रसाद का विशेष आयोजन स्थानीय लोगों को भी आकर्षित करता है।
दुबई का श्रीनाथजी मंदिर
दुबई में श्रीनाथजी मंदिर जन्माष्टमी का प्रमुख केंद्र है। यहां पारंपरिक राजस्थानी और गुजराती शैली में श्रीकृष्ण की झांकियां सजाई जाती हैं, और गरबा-डांडिया का आयोजन होता है, जिसमें भारतीयों के साथ अन्य समुदाय के लोग भी भाग लेते हैं।
विदेशों के इन मंदिरों में जन्माष्टमी का उत्सव भारतीय संस्कृति की खूबसूरती को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचा रहा है।