Jammu: With The Warm Weather, Terrorists Hiding In Winter Have Increased Their Activity – Amar Ujala Hindi News Live – Jammu :मौसम की गर्माहट पाकर सर्दियों में दुबके आतंकी सक्रिय, रक्षा विशेषज्ञों ने कहा

रियासी, कठुआ, अखनूर, डोडा और पुंछ समेत नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे इलाकों में इन दिनों पाकिस्तानी हरकतें लगातार बढ़ रही हैं। माना जा रहा है कि सर्दियों में दुबके आतंकियों ने मौसम में गर्माहट पाकर सक्रियता बढ़ा दी है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बीच-बीच में होने वाली फायरिंग, स्नाइपर हमले पाकिस्तान की बौखलाहट का नतीजा हैं। ये हरकतें बंद नहीं होंगी। हालांकि उनका यह भी कहना है कि सुरक्षा एजेंसियां पहले से ज्यादा ताकतवर हैं, वे इनसे निपट लेंगी। इसके लिए कुछ अतिरिक्त प्रयास की जरूरत है।

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पुंछ और राजौरी जिलों तक सीमित आतंकवादी गतिविधियां अब जम्मू संभाग के अन्य क्षेत्रों में भी फैल रही हैं। उधमपुर और कठुआ जैसे क्षेत्र भी आतंकी गतिविधियों से प्रभावित हैं। कुछ साल पहले तक अपेक्षाकृत ऐसी घटनाओं से मुक्त रहे चिनाब घाटी जैसे इलाकों में भी आतंकवादियों की सक्रियता बढ़ी है। बदलाव यहीं नहीं आया है हमले के तौर-तरीकों में भी आया है। पहले आतंकवादी वाहनों पर घात लगाकर हमला करते थे, अब ग्रेनेड व कवचभेदी गोलियों के साथ-साथ एम 4 असॉल्ट राइफलों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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पाकिस्तान की बौखलाहट की बात करें तो जिन अंदरूनी हालात से अवाम का ध्यान भटकाने के लिए अपने पाले-पोसे आतंकियों की घुसपैठ करा रहा है, वे घेरकर मारे जा रहे हैं। सुरक्षाबल लगातार आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। जंगलों में भी जिस तरह से गोलीबारी कर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, भागने के हर रास्ते पर नाकेबंदी की गई, उससे आतंकियों को खाना-पीना मिलना तक मुश्किल हो गया है। सुफैन मुठभेड़ के बाद स्थानीय लोगों के घरों से आतंकियों के खाना छीनने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। साफ है कि सुरक्षाबलों की घेराबंदी से आतंकी मददगारों की हरकतों पर भी नकेल कसी है।

रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक केंद्र से मिल रहे एकदम स्पष्ट दिशा निर्देशों के कारण सुरक्षाबलों में कहीं कोई दुविधा जैसी स्थिति नहीं है। सुरक्षाबल आतंकियों को घेर-घेरकर उनके अंजाम तक पहुंचा रहे हैं। इन सबसे पाकिस्तान के मंसूबों पर पानी फिर रहा है। आतंकियों की हर नाकाम होती कोशिश से उसकी बौखलाहट बढ़ रही है। संघर्ष विराम का उल्लंघन उसी बौखलाहट का नतीजा है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे-छोटे हमलों से पाकिस्तान ध्यान भटकाने की कोशिशें आदतन जारी रखेगा। हमले बंद नहीं होंगे। सुरक्षाबलों को अपनी रणनीति के तहत आतंकियों को घेर-घेरकर उनके अंजाम तक पहुंचाने का काम जारी रखना होगा।

बेहद प्रशिक्षित हैं आतंकी…विलेज डिफेंस कमेटी को मजबूत करना होगा : सैयद अता हसनैनजम्मू-कश्मीर मामलों के जानकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन कहते हैं कि घुसपैठ कर आए आतंकी वेल ट्रेंड हैं। ये 25 से 35 की टुकड़ियों में अलग-अलग स्थानों पर बिखरे हुए हैं। छिपने के लिए ये तीन-चार के ग्रुप में बंट जाते हैं। जिस तरह से इनका प्रशिक्षण है उससे पाकिस्तान की स्पेशल फोर्स के भी इसमें शामिल होने की आशंका है। जो कुछ अब तक देखने में आया है उससे तो एक बात साफ है कि ये आतंकी गांव के लोगों के साथ घुल-मिलकर रहने में माहिर हैं। इन्हें कुछ लोगों का सपोर्ट भी मिल रहा है। ये सपोर्ट सिस्टम बंद हो, इसलिए विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) को मजबूत करने की जरूरत है। वीडीसी की माॅनिटरिंग में ही लोग रहें।

अभी गतिविधियां और बढ़ेंगी : सतीश दुआ

उड़ी सर्जिकल स्ट्राइक का नेतृत्व करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त ) सतीश दुआ कहते हैं, पाकिस्तान से आ रही खबरों का विश्लेषण करें तो साफ हो जाता है कि वहां हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। इसका असर सामाजिक ढांचे पर पड़ रहा है। राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे को बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं। सुनने में तो यह भी आ रहा है कि वहां की सेना के बीच भी कुछ ठीक नहीं हैं। अंदरूनी संघर्ष को छिपाने और इससे अवाम का ध्यान भटकाने के लिए उसे सिर्फ और सिर्फ जम्मू-कश्मीर ही नजर आता है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद से जम्मूृ-कश्मीर का चौतरफा विकास हुआ है। चुनाव हो गए, चुनी सरकार आ गई। पर, ये शांति किसी को रास नहीं आ रही है। एक-एक कर अलगाववाद से तौबा करते लोग भी इन लोगों के लिए बड़ी चुनौती हैं। बढ़ी आतंकी घटनाओं की बात करें तो गर्मी शुरू होते ही इस तरह की गतिविधियां जोर पकड़ती हैं। कुछ और मामले बढ़ेंगे।

आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह से नष्ट तक जारी रहना चाहिए अभियान : आरआर स्वैन

शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी आरआर स्वैन का यह कहना अहम है कि हम कश्मीर में पाकिस्तान के साथ एक क्लासिक छद्म युद्ध में हैं। पाकिस्तान को हराया जा सकता है और उसे हराया भी जाना चाहिए। हम चीन नहीं हैं, लेकिन दुश्मन को हमारे लोकतंत्र की बाधाओं का हमारे खिलाफ इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। बीच-बीच में होने वाली हिंसा से विचलित हुए बिना, राष्ट्रीय सुरक्षा पर बहुदलीय आम सहमति है कि जब तक आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह से नष्ट नहीं हो जाता, तब तक निरंतरता के साथ आगे बढ़ना ही ‘उत्तर’ है।