इटली में फेमिसाइड पर सीधा उम्रकैद: मेलोनी सरकार का सख़्त कानून पास, महिला हत्याओं पर जीरो टॉलरेंस

इटली में फेमिसाइड पर सीधा उम्रकैद: मेलोनी सरकार का सख़्त कानून पास, महिला हत्याओं पर जीरो टॉलरेंस

26 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

International Desk: इटली ने महिला हत्या यानी ‘फेमिसाइड’ को अलग अपराध मानते हुए इसे सीधे उम्रकैद की सजा के दायरे में ला दिया है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने यह ऐतिहासिक कानून उस दिन पास किया, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं पर हिंसा खत्म करने के लिए समर्पित किया गया है (25 नवंबर)।
देश में पिछले साल कुल 116 महिलाएँ मारी गईं, जिनमें से 106 मामलों में हत्या की वजह उनका जेंडर पाया गया। अब इन सभी मामलों को ‘फेमिसाइड’ के तौर पर अलग से दर्ज किया जाएगा और हर केस में सख्त कानूनी कार्रवाई तय होगी।

जूलिया चेकेट्तिन की ह/त्या ने बदला माहौल
फेमिसाइड पर कड़े कानून की मांग इटली में लंबे समय से उठ रही थी, लेकिन 22 वर्षीय जूलिया चेकेट्तिन की दिल दहला देने वाली हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया।
2022 में उसके एक्स बॉयफ्रेंड फिलिप्पो तुरेता ने चाकू से हमला कर उसकी हत्या की और शव को बैग में भरकर झील के पास फेंक दिया था।
यह मामला हफ्तों तक सुर्खियों में रहा और उसके बाद ही समाज और संसद में कड़े कानून की मांग तेज़ हुई।
जूलिया के पिता जीनो चेकेट्तिन ने कानून का स्वागत किया लेकिन कहा कि “असली लड़ाई शिक्षा और सामाजिक बदलाव से ही जीती जाएगी।”

दो साल की बहस के बाद कानून पास
काफी लंबी बहस और तीखी चर्चाओं के बाद इटली की संसद ने कानून को मंजूरी दी।
सरकार और विपक्ष, दोनों ने मिलकर बिल का समर्थन किया। कई सांसद इस दौरान लाल रिबन पहनकर आए, जो महिलाओं के खिलाफ हिंसा के खिलाफ प्रतीक है।
अब से किसी भी महिला की हत्या, यदि जेंडर की वजह से हुई पाई जाती है, तो आरोपी को सीधे आजन्म कारावास का सामना करना पड़ेगा।

कानून पर आलोचनाएँ भी
हालाँकि, कानून पर सभी विशेषज्ञ सहमत नहीं हैं।
कुछ का कहना है कि—

यह तय करना मुश्किल होगा कि ह/त्या “सिर्फ जेंडर की वजह से” हुई है या नहीं।
कानून का दायरा व्यापक है, जिससे कोर्ट में केस साबित करना चुनौती होगा।
सिर्फ सख्त कानून काफी नहीं—इटली को जेंडर इक्विटी और सामाजिक सुधारों पर भी निवेश बढ़ाना होगा।
संसद में कानून पास होने के बाद तालियों की गूंज जरूर सुनाई दी, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक, “जंग अभी लंबी है”। फिर भी, इटली ने हिंसा की जड़ को पहचानने और उसके खिलाफ कड़े कदम उठाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा दिया है।