ब्रेस्टफीडिंग के दौरान थायरॉइड की दवा लेना सुरक्षित या नहीं? एक्सपर्ट से जानिए पूरी जानकारी

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान थायरॉइड की दवा लेना सुरक्षित या नहीं? एक्सपर्ट से जानिए पूरी जानकारी

10 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk:  आजकल महिलाओं में थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, खासतौर पर प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद। हार्मोनल बदलाव और लाइफस्टाइल में आए परिवर्तन के कारण कई महिलाओं में थायरॉइड का संतुलन बिगड़ जाता है। ऐसे में एक बड़ा सवाल यह होता है कि जो महिलाएं ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं, क्या उनके लिए थायरॉइड की दवाएं लेना सुरक्षित है या नहीं।

आरएमएल हॉस्पिटल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सलोनी चड्ढा के अनुसार, ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं थायरॉइड की दवाएं ले सकती हैं। आमतौर पर ये दवाएं सुरक्षित मानी जाती हैं और सही खुराक में लेने पर बच्चे पर कोई नकारात्मक असर नहीं डालतीं। हालांकि, दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह से और तय डोज में ही लेनी चाहिए।

थायरॉइड का असंतुलन मां की सेहत को प्रभावित कर सकता है, जिससे थकान, कमजोरी, मूड स्विंग और कभी-कभी दूध बनने की प्रक्रिया पर भी असर पड़ता है। इसलिए मां का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि उसकी सेहत का सीधा असर बच्चे पर पड़ता है। दवा लेते समय नियमित रूप से थायरॉइड लेवल की जांच कराते रहना भी जरूरी होता है।

अगर मां किसी अन्य दवा का सेवन कर रही है, तो इसकी जानकारी डॉक्टर को जरूर देनी चाहिए, ताकि दवाओं के आपसी असर से मां या बच्चे को नुकसान न हो। स्तनपान के दौरान बिना सलाह दवा बंद करना या बदलना सही नहीं माना जाता।

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें:

  • डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न बदलें और न ही बंद करें।

  • थायरॉइड लेवल की नियमित जांच कराएं।

  • संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी रखें।

  • मां और बच्चे में किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।