10 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: Donald Trump के नेतृत्व में ईरान के खिलाफ शुरू हुआ सैन्य अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। हमलों के करीब 10 दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति को उनके सलाहकारों ने युद्ध खत्म करने और सुलह का रास्ता तलाशने की सलाह दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सलाहकारों का मानना है कि अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका नुकसान अमेरिका को ज्यादा उठाना पड़ सकता है। ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि युद्ध अब अंतिम चरण में है और जल्द खत्म हो सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी रणनीतिकारों को आशंका है कि लंबा युद्ध घरेलू राजनीति पर भी असर डाल सकता है। इसी साल अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनावों को देखते हुए Republican Party के वोटरों के नाराज होने की चिंता जताई गई है। साथ ही यह भी कहा गया कि फिलहाल इस संघर्ष से अमेरिका को कोई बड़ा सैन्य या आर्थिक फायदा मिलता नहीं दिख रहा।
जानकारों के अनुसार युद्ध की शुरुआत में अमेरिका की रणनीति Iran में सत्ता परिवर्तन की थी, लेकिन अब तक हालात वैसी दिशा में जाते नहीं दिखे। खुफिया आकलनों में भी कहा गया है कि शीर्ष नेतृत्व पर हमलों के बावजूद देश में बड़े पैमाने पर विद्रोह नहीं हुआ।
इधर अमेरिका में भी इस युद्ध को लेकर राय बंटी हुई है। एक सर्वे में 53% लोगों ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई का विरोध किया है, जबकि कई लोगों का मानना है कि अमेरिका Israel का जरूरत से ज्यादा समर्थन कर रहा है।
युद्ध का आर्थिक बोझ भी बढ़ता जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक शुरुआती दो दिनों में ही अमेरिका ने लगभग 5.6 अरब डॉलर का गोला-बारूद इस्तेमाल किया, जबकि 10 दिनों में युद्ध पर 10 अरब डॉलर से अधिक खर्च हो चुका है।
वहीं ईरान की ओर से भी कड़ा बयान आया है। ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद थी कि हमले शुरू होते ही ईरान में सत्ता परिवर्तन हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके मुताबिक अब अमेरिका युद्ध खत्म करने के विकल्प तलाश रहा है, जबकि ईरान अपने रुख पर कायम है।













