16 January 2026 Fact Recorder
Internaional Desk: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव गहरा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में मौजूद अपने युद्धपोत को ईरान की ओर मोड़ दिया है, जबकि ईरान ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है, जिससे अमेरिका द्वारा संभावित हमले की आशंका बढ़ गई है।
न्यूजीलैंड ने सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से तेहरान में स्थित अपने दूतावास को बंद कर दिया और अपने वाणिज्य दूतावास को तुर्की के अंकारा में स्थानांतरित कर दिया। न्यूजीलैंड के सभी राजनयिक स्टाफ ने तेहरान छोड़ दिया है।
चार अरब देशों—मिस्र, ओमान, सऊदी अरब और कतर—ने अमेरिका से अपील की है कि ईरान पर हमला न किया जाए। इन देशों ने चेतावनी दी कि हमला पूरे क्षेत्र में गंभीर सुरक्षा और आर्थिक परिणाम पैदा कर सकता है।
ट्रंप प्रशासन ने बताया कि ईरान में कल होने वाली 800 फांसी की सजाओं को रोक दिया गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम ने ईरानी शासन को चेतावनी दी थी कि हत्याओं के जारी रहने के गंभीर परिणाम होंगे।
अमेरिका ने कहा है कि वे सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जबकि भारत ने भी अपने नागरिकों को ईरान से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।













