ईरान संकट से तेल बाजार में हड़कंप, कच्चा तेल 150 डॉलर तक पहुंचने की चेतावनी

05 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk: United States और Iran के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz को बंद करने की धमकी दी है। यह रास्ता दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अगर यहां से सप्लाई बाधित होती है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा संकट पैदा हो सकता है।

ब्रोकरेज फर्मों की बड़ी चेतावनी

सिंगापुर की वित्तीय संस्था DBS Bank ने चेतावनी दी है कि अगर होरमुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद हो जाता है तो Brent crude oil की कीमत 100 से 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।

वहीं Goldman Sachs का कहना है कि अगर सप्लाई करीब पांच हफ्तों तक प्रभावित रहती है तो तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है। इसी बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत पहले ही करीब 13% बढ़कर 82 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है, जो जनवरी 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

इसके अलावा JPMorgan Chase और Bernstein ने भी चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष लंबा चला तो कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर से ऊपर जा सकती है।

भारत समेत कई देशों पर असर

India अपने करीब 50% तेल आयात के लिए इसी मार्ग पर निर्भर है। हर दिन लगभग 26 लाख बैरल कच्चा तेल होरमुज जलडमरूमध्य से होकर भारत पहुंचता है। ऐसे में अगर सप्लाई में रुकावट आती है तो भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ सकता है।

ING Group के मुताबिक, तेल की कीमतों में सिर्फ 10% की बढ़ोतरी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं के चालू खाते का घाटा 0.40 से 0.60 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जिससे महंगाई और आर्थिक विकास दोनों पर दबाव बढ़ेगा।

रणनीतिक भंडार भी पड़ सकता है कम

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर अपने रणनीतिक तेल भंडार का इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन अगर संकट गहरा गया तो यह कदम भी पर्याप्त नहीं होगा। फिलहाल वैश्विक बाजार की नजर अमेरिका-ईरान तनाव पर टिकी हुई है और जब तक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अस्थिरता बनी रह सकती है।