हरियाणा DGP का चार्ज IPS ओपी सिंह को, ADGP पूरन कुमार केस पर कार्रवाई; शत्रुजीत कपूर लंबी छुट्टी पर

हरियाणा DGP का चार्ज IPS ओपी सिंह को, ADGP पूरन कुमार केस पर कार्रवाई; शत्रुजीत कपूर लंबी छुट्टी पर

14 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Haryana Desk: हरियाणा ADGP वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में सरकार की बड़ी कार्रवाई: IPS शत्रुजीत कपूर लंबी छुट्टी पर, IPS ओपी सिंह को कार्यवाहक DGP नियुक्त

हरियाणा में ADGP रैंक के सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के सुसाइड मामले के बाद हरियाणा सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने DGP शत्रुजीत कपूर को लंबी छुट्टी पर भेज दिया है और 1992 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी ओम प्रकाश (ओपी) सिंह को हरियाणा का कार्यवाहक DGP नियुक्त किया गया है। ओपी सिंह के पास राज्य के DGP का अतिरिक्त चार्ज रहेगा, जबकि वे अपने मौजूदा कार्यभार भी संभालते रहेंगे।

इस कदम के पीछे यानि कार्रवाई का तात्कालिक कारण वाई पूरन कुमार के सुसाइड नोट में DGP शत्रुजीत कपूर सहित कुछ अधिकारियों के नाम होना बताया जा रहा है। IAS पत्नी अमनीत पी कुमार ने लगातार आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष और न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोपियों को तुरंत नहीं रोका गया, तो वे सबूत मिटा सकते हैं और जांच प्रभावित कर सकते हैं।

इस मामले में विपक्ष और दलित संगठनों की प्रतिक्रिया के चलते सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए DGP को छुट्टी पर भेजा। यह कदम उस समय उठाया गया जब राहुल गांधी चंडीगढ़ में वाई पूरन कुमार के परिवार से मिलने पहुंचे थे।

दो नाम थे DGP पद के रेस में
हरियाणा DGP पद के लिए दो आईपीएस अधिकारियों के नाम चर्चा में थे — ओपी सिंह और 1993 बैच के आलोक मित्तल। अंततः सरकार ने ओपी सिंह को कार्यवाहक DGP नियुक्त किया।

सुसाइड और प्रशासनिक प्रभाव
वाई पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर लाइसेंसी रिवॉल्वर से आत्महत्या की थी। उनके पास 8 पन्नों का अंतिम सुसाइड नोट पाया गया। उनका निधन हरियाणा की प्रशासनिक प्रणाली और पुलिस विभाग के भीतर गहरी हलचल पैदा कर गया है। इस मामले को लेकर विपक्षी दलों और दलित संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जबकि सरकार निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है।

वहीं, वाई पूरन कुमार हरियाणा कैडर 2001 बैच के IPS अधिकारी थे। अपने करियर में उन्होंने IG रोहतक रेंज, IG HAP मधुबन, IG होम गार्ड्स और IG PTC सुनारिया जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया था। उनकी नियुक्ति और अचानक मौत ने राज्य की अफसरशाही और पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है।

इस कार्रवाई के साथ ही सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सुसाइड केस में शामिल अधिकारियों पर सख्ती बरती जाएगी और राज्य प्रशासनिक प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।