06 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: साल 2026 भारतीय शेयर बाजार के लिए स्टार्टअप्स का बड़ा साल साबित होने जा रहा है। बीते एक दशक में तेजी से उभरी नई पीढ़ी की कई कंपनियां अब शेयर बाजार में कदम रखने की तैयारी कर चुकी हैं। PhonePe, Zepto, Oyo, Boat, Infra.Market, Shadowfax सहित कई स्टार्टअप्स मिलकर IPO और ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए करीब 50,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रहे हैं।
हालांकि इस साल रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे बड़े समूह का IPO भी चर्चा में रह सकता है, लेकिन निवेशकों की नजरें खासतौर पर इन न्यू-एज कंपनियों पर टिकी होंगी, जिन्होंने टेक्नोलॉजी और डिजिटल मॉडल के जरिए अपने-अपने सेक्टर में मजबूत पहचान बनाई है।
पिछले साल का ट्रैक रिकॉर्ड बना रहा भरोसा
पिछले वर्ष शेयर बाजार में लिस्ट हुई नई पीढ़ी की कंपनियों ने IPO के जरिए करीब 36,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। एथर एनर्जी, अर्बन कंपनी, लेंसकार्ट, मीशो, ग्रोव, फिजिक्सवाला और पाइन लैब्स जैसी कंपनियों की लिस्टिंग से फाउंडर्स, शुरुआती निवेशकों और कर्मचारियों को अच्छा रिटर्न मिला।
एचएसबीसी इंडिया के इन्वेस्टमेंट बैंकिंग को-हेड रणवीर दावड़ा के अनुसार, 2025 में लिस्ट हुई इन कंपनियों का पोस्ट-लिस्टिंग प्रदर्शन मजबूत रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह सेक्टर अब ज्यादा परिपक्व हो चुका है।
IPO बाजार में बनेगा पॉजिटिव सेंटीमेंट
विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों की बेहतर लाभप्रदता, संतुलित वैल्यूएशन और स्पष्ट ग्रोथ रोडमैप IPO बाजार में सकारात्मक माहौल बनाएंगे। फरवरी के बजट के बाद मार्च के आसपास IPO गतिविधियों में तेजी आ सकती है, हालांकि बाजार की दिशा वैश्विक संकेतकों, तेल कीमतों और अमेरिका-भारत व्यापार समझौते जैसे फैक्टर्स पर निर्भर करेगी।
Zepto, Oyo और PhonePe पर खास नजर
Zepto ने दिसंबर में गोपनीय रूप से आवेदन दाखिल किया है और वह करीब 11,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रहा है। कंपनी क्विक कॉमर्स सेगमेंट में Blinkit और Instamart से मुकाबला कर रही है।
Oyo ने तीसरी बार IPO की कोशिश की है और 6,650 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। कोविड के बाद कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे में सुधार देखने को मिला है।
PhonePe, जो वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली कंपनी है, करीब 13,000–14,000 करोड़ रुपये के IPO के साथ बाजार में उतर सकती है।
निवेशकों के लिए चयन का दौर
विशेषज्ञों के मुताबिक 2026 में माहौल भले ही सकारात्मक रहेगा, लेकिन निवेशक ज्यादा चयनात्मक होंगे। अब फोकस सिर्फ ग्रोथ पर नहीं, बल्कि प्रॉफिटिबिलिटी, कैश फ्लो की स्पष्टता, गवर्नेंस और फाउंडर क्वालिटी पर होगा।
कुल मिलाकर, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में स्टार्टअप्स का ‘महा-कुंभ’ कहा जा सकता है, जहां बड़े IPO निवेशकों के लिए नए मौके और संभावनाएं लेकर आएंगे।













