19 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया है। भारतीय वायदा बाजार (MCX) पर चांदी का भाव पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को पार कर गया है। अप्रैल में जहां चांदी 95–96 हजार रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही थी, वहीं अब इसकी कीमत उछलकर करीब 3,00,500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। बाजार में आई यह जबरदस्त तेजी सिर्फ घरेलू मांग का असर नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैश्विक स्तर पर बढ़ता आर्थिक और राजनीतिक तनाव बड़ी वजह माना जा रहा है।
9 महीनों में तीन गुना रिटर्न
पिछले नौ महीनों में चांदी ने निवेशकों को चौंकाने वाला रिटर्न दिया है। इस दौरान इसकी कीमतों में 200 फीसदी से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया है। शेयर बाजार की भाषा में कहें तो चांदी ने ‘मल्टीबैगर’ जैसा प्रदर्शन किया है। खास बात यह है कि सिर्फ जनवरी महीने में ही अब तक करीब 25 फीसदी की तेजी देखने को मिल चुकी है। मौजूदा समय में चांदी ने शेयर, प्रॉपर्टी और अन्य एसेट क्लास को पीछे छोड़ते हुए सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली संपत्ति का दर्जा हासिल कर लिया है।
ट्रेड वॉर की आशंका ने बढ़ाई घबराहट
बाजार में इस उथल-पुथल की बड़ी वजह अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ता तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर जिद और यूरोपीय देशों से टकराव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप प्रशासन ने फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन समेत कई यूरोपीय देशों पर भारी आयात शुल्क लगाने का ऐलान किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फरवरी से 10 फीसदी टैरिफ लागू हो सकता है, जो आने वाले महीनों में 25 फीसदी तक बढ़ सकता है।
अमेरिका-यूरोप आमने-सामने
अमेरिका की इस सख्ती के जवाब में यूरोपीय यूनियन भी पलटवार की तैयारी में है। खबरों के अनुसार, यूरोप अमेरिका के खिलाफ ‘एंटी-कोर्शन इंस्ट्रूमेंट’ के इस्तेमाल पर विचार कर रहा है, जिसके तहत अमेरिकी सामानों पर करीब 93 अरब यूरो का जवाबी टैक्स लगाया जा सकता है। इस संभावित ट्रेड वॉर ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव
इस तनाव का सीधा असर कीमती धातुओं पर दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी दोनों में तेज उछाल आया है। जानकारों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ता कर्ज और नीतिगत अनिश्चितता के चलते निवेशकों का भरोसा डॉलर और बॉन्ड से कमजोर हुआ है। ऐसे माहौल में लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना-चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में चांदी और अन्य कीमती धातुएं और भी नए रिकॉर्ड बना सकती हैं।











