17 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: ‘इस्लामोफोबिया विरोधी दिवस’ के अवसर पर आयोजित United Nations महासभा की बैठक में भारत ने धार्मिक नफरत और हिंसा के मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख रखा। भारत ने कहा कि वह किसी भी धर्म के खिलाफ होने वाली हिंसा और भेदभाव का विरोध करता है, लेकिन वैश्विक मंचों पर केवल एक धर्म पर केंद्रित चर्चा से बचना चाहिए।
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि Parvathaneni Harish ने कहा कि भारत ऐसा देश है जहां दुनिया के लगभग सभी बड़े धर्मों के लोग शांतिपूर्वक रहते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म जैसे चार प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति भारत में हुई है, इसलिए भारत धार्मिक सह-अस्तित्व और विविधता के महत्व को भलीभांति समझता है।
भारत ने कहा कि “सर्व धर्म समभाव” की भावना भारतीय सभ्यता और संविधान की धर्मनिरपेक्ष सोच की आधारशिला है। किसी भी धर्म के नाम पर नफरत और हिंसा स्वीकार्य नहीं हो सकती।
पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष निशाना
भारत ने बिना नाम लिए Pakistan पर भी निशाना साधा। भारत ने कहा कि उसका एक पड़ोसी देश ‘इस्लामोफोबिया’ के नाम पर अक्सर झूठे नैरेटिव गढ़ता है, जबकि उसी देश में Ahmadiyya community के खिलाफ गंभीर दमन होता है और अफगान शरणार्थियों के साथ भी कठोर व्यवहार किया जाता है।
भारत ने यह भी कहा कि धार्मिक पहचान का राजनीतिक इस्तेमाल करना खतरनाक प्रवृत्ति है, क्योंकि इससे समाज में विभाजन और तनाव बढ़ता है।
सभी धर्मों के लिए समान दृष्टिकोण जरूरी
भारत ने संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया कि वह ऐसे ढांचे को बढ़ावा दे जो किसी एक धर्म के बजाय सभी धर्मों के खिलाफ होने वाले भेदभाव और नफरत को संबोधित करे। भारत ने 1981 के उस ऐतिहासिक घोषणापत्र का भी जिक्र किया जिसमें धर्म या विश्वास के आधार पर असहिष्णुता और भेदभाव को खत्म करने की बात कही गई थी।
UN प्रमुख ने भी जताई चिंता
इस मौके पर António Guterres, महासचिव United Nations, ने भी दुनिया भर में मुसलमानों के खिलाफ बढ़ती नफरत और भेदभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगभग दो अरब मुसलमान वैश्विक समाज का अहम हिस्सा हैं और उनके खिलाफ पूर्वाग्रह सामाजिक एकता और मानवाधिकारों के लिए खतरा है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि इस्लामोफोबिया और धार्मिक भेदभाव के खिलाफ मजबूत कदम उठाए जाएं, ताकि दुनिया में शांति और आपसी सम्मान को बढ़ावा दिया जा सके।













