03 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: भारत सरकार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के असर को कम करने के लिए उद्योगों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। सरकार जल्द ही 2 से 2.5 लाख करोड़ रुपये तक की क्रेडिट गारंटी योजना लॉन्च कर सकती है, जिससे कंपनियों को सस्ता और आसान लोन मिल सकेगा।
इस योजना का उद्देश्य खासकर उन उद्योगों को मदद देना है, जो कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और ट्रांसपोर्ट लागत के कारण दबाव में हैं। सरकार का मानना है कि समय रहते कदम उठाने से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित असर को कम किया जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, इस योजना से कंपनियों को नकदी (लिक्विडिटी) की कमी से राहत मिलेगी और वे अनिश्चित माहौल में भी अपने कामकाज को जारी रख सकेंगी। सरकार पहले से ही विभिन्न सेक्टरों के साथ बातचीत कर उनके उत्पादन पर पड़ रहे असर का आकलन कर रही है।
यह नई योजना कोविड-19 के दौरान लाई गई ECLGS योजना की तर्ज पर तैयार की जा रही है। उस समय इस योजना के जरिए MSME समेत कई व्यवसायों को बिना अतिरिक्त गारंटी के लोन उपलब्ध कराया गया था, जिससे लाखों कारोबारों को संकट से उबरने में मदद मिली थी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कोविड काल में ECLGS के तहत 3.62 लाख करोड़ रुपये की गारंटी दी गई थी, जिससे करीब 1.19 करोड़ लाभार्थियों को फायदा हुआ। इससे न सिर्फ छोटे और मझोले उद्योगों को सहारा मिला, बल्कि बैंकिंग सिस्टम पर भी दबाव कम हुआ और बड़ी संख्या में MSME इकाइयां बंद होने से बचीं।
मौजूदा योजना को भी इसी तरह डिजाइन किया जा रहा है, ताकि उद्योगों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके और देश की अर्थव्यवस्था स्थिर बनी रहे।











