27 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Education Desk: लंदन स्थित UK Home Office द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, ब्रिटेन में वीजा विस्तार (Visa Extension) के मामलों में भारतीय नागरिक सबसे आगे हैं। पढ़ाई के लिए गए छात्र हों या कुशल कामगार, दोनों श्रेणियों में भारतीयों की संख्या शीर्ष पर रही है।
दिसंबर 2025 तक के एक वर्ष में भारतीयों को कुल 95,231 प्रायोजित स्टडी वीजा जारी किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3% अधिक हैं और कुल स्टडी वीजा का लगभग 23% हिस्सा बनाते हैं। इससे स्पष्ट है कि ब्रिटेन में उच्च शिक्षा के लिए भारतीय छात्रों की मांग अब भी मजबूत बनी हुई है।
कामकाजी वीजा की बात करें तो स्वास्थ्य एवं देखभाल क्षेत्र में जारी किए गए अनुबंधों में भारतीय (1,04,555) सबसे आगे रहे, इसके बाद नाइजीरियाई और जिम्बाब्वे के नागरिकों का स्थान रहा। वहीं कुशल कामगार (Skilled Worker) वीजा में भी भारतीयों को 90,031 अनुबंध मिले, जो किसी भी अन्य देश से अधिक हैं। ग्रेजुएट रूट वीजा, जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद काम करने की अनुमति देता है, उसमें भी भारतीय (90,153) शीर्ष पर रहे।
हालांकि, सरकार द्वारा आश्रितों (Dependents) को लेकर सख्ती के बाद ग्रेजुएट रूट एक्सटेंशन में कुल मिलाकर 6% की गिरावट दर्ज की गई है। Work Rights Centre ने चेतावनी दी है कि प्रवासन नीतियों में सख्ती के कारण स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान क्षेत्रों में पेशेवरों की कमी बढ़ सकती है।
आंकड़ों के अनुसार, 2025 में शरण मांगने वालों की संख्या में 4% की कमी आई, जबकि छोटी नावों के जरिए अवैध रूप से प्रवेश करने वालों की संख्या में 13% की वृद्धि हुई। गृह मंत्रालय का कहना है कि ब्रेक्जिट के बाद लागू नई आव्रजन प्रणाली के चलते 1 जनवरी 2021 के बाद भारत सहित कई देशों के नागरिकों को कार्य और अध्ययन वीजा में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है।
कुल मिलाकर, कड़े प्रवासन नियमों के बावजूद ब्रिटेन में भारतीय छात्रों और पेशेवरों की उपस्थिति मजबूत बनी हुई है।













