Hypothyroidism का बढ़ता खतरा? जानें सेंधा नमक बनाम आयोडाइज्ड नमक पर डॉक्टर की राय

27 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk:  इन दिनों सेंधा नमक (रॉक सॉल्ट) का चलन तेजी से बढ़ा है। लोग इसे अधिक प्राकृतिक और मिनरल्स से भरपूर मानकर अपने भोजन में शामिल कर रहे हैं। हालांकि फेमस न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका सहरावत ने हाल ही में बताया कि सेंधा नमक और आयोडाइज्ड नमक के बीच सबसे बड़ा अंतर आयोडीन की मौजूदगी का है, जो थायराइड ग्रंथि के सही कामकाज के लिए बेहद जरूरी है।

🦋 थायराइड के लिए क्यों जरूरी है आयोडीन?

आयोडीन शरीर में थायराइड हार्मोन के निर्माण में मदद करता है, जो मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है। आयोडीन की कमी होने पर:

  • थकान और सुस्ती

  • वजन बढ़ना

  • कब्ज

  • बालों का झड़ना

  • ज्यादा ठंड लगना

जैसी समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टर के अनुसार हाल के वर्षों में सेंधा नमक के बढ़ते उपयोग के साथ हाइपोथायरायडिज्म के मामलों में भी वृद्धि देखी गई है।

🧂 मिनरल्स का भ्रम

अक्सर माना जाता है कि सेंधा नमक मिनरल्स का खजाना है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ये मिनरल्स संतुलित आहार, नट्स और बीजों से भी आसानी से मिल सकते हैं। अधिक मात्रा में किसी भी नमक का सेवन हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ा सकता है।

✔️ क्या करें?

डॉ. सहरावत के अनुसार:

  • रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए आयोडीन युक्त नमक को प्राथमिकता दें।

  • सेंधा नमक का उपयोग सीमित मात्रा में और कभी-कभी किया जा सकता है।

  • अगर थायराइड की समस्या है, तो नमक में बदलाव से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक है।