24 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Sports Desk: टीम इंडिया के लिए टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सुपर-8 चरण अब बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। सेमीफाइनल की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए भारत को अब सिर्फ जीत नहीं, बल्कि नेट रन रेट (NRR) में भी बड़ा सुधार करना होगा।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों की भारी हार के बाद भारत का NRR गिरकर -3.800 तक पहुंच गया है। ग्रुप-1 में अब भारत के पास दो मुकाबले बचे हैं—जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ। सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए इन दोनों मैचों में जीत के साथ-साथ रन रेट में जबरदस्त उछाल जरूरी है, क्योंकि बराबर अंकों की स्थिति में NRR ही फैसला करेगा।
जिम्बाब्वे मैच में क्या होगी रणनीति?
भारत का अगला मुकाबला जिम्बाब्वे से है, जहां पूरी रणनीति NRR को नेगेटिव से पॉजिटिव करने पर केंद्रित होगी। यदि भारत पहले गेंदबाजी करता है, तो उसे जिम्बाब्वे को कम स्कोर पर रोकना होगा और लक्ष्य को बेहद तेज़ी से हासिल करना होगा।
कितने रन, कितने ओवर में चेज जरूरी?
अगर जिम्बाब्वे 90 रन बनाता है, तो भारत को 9 ओवर के भीतर लक्ष्य हासिल करना होगा।
150 रन के लक्ष्य पर भारत को 11 ओवर में जीत दर्ज करनी होगी—यह मुश्किल है, लेकिन आक्रामक शुरुआत से संभव।
180–200 रन के स्कोर पर भारत को 12 से 15 ओवर में मैच खत्म करना होगा, जिससे NRR में सुधार होगा, हालांकि पॉजिटिव में जाना फिर भी कठिन रहेगा।
पहले बल्लेबाजी करने पर क्या करना होगा?
अगर भारत पहले बल्लेबाजी करता है, तो NRR सुधार की राह और मुश्किल हो जाएगी। ऐसी स्थिति में टीम को 220 से 250+ रन बनाने होंगे और विपक्षी टीम को 100–120 या उससे कम पर समेटना जरूरी होगा। विरोधी को ऑलआउट करना अतिरिक्त फायदा देगा, क्योंकि इससे नेट रन रेट पर ज्यादा सकारात्मक असर पड़ता है।
कुल मिलाकर, जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए ‘करो या मरो’ जैसा होगा—जहां जीत के साथ-साथ रफ्तार भी उतनी ही अहम होगी।













