07 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: प्रयागराज महाकुंभ के दौरान संन्यासी रूप में चर्चा में आए अभय सिंह अब गृहस्थ जीवन में प्रवेश कर चुके हैं। IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र अभय सिंह ने प्रीतिका के साथ विवाह कर लिया है और अपने जीवन की नई शुरुआत की है। शादी के बाद यह नवविवाहित जोड़ा हरियाणा के झज्जर स्थित अपने पैतृक गांव सासरौली पहुंचा, जहां परिवार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
अभय सिंह और प्रीतिका की मुलाकात 2025 में महाशिवरात्रि के दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित एक आश्रम में हुई थी, जहां दोनों आध्यात्मिक साधना के लिए पहुंचे थे। समान विचारधारा होने के चलते दोनों ने शादी का निर्णय लिया। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन हिमाचल प्रदेश में ऋषिकेश के पास अघंजर महादेव मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाज से विवाह किया गया और 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज भी की गई। फिलहाल यह जोड़ा धर्मशाला में रह रहा है और अभय सिंह अपनी पत्नी को ‘पार्वती’ कहकर संबोधित करते हैं।
झज्जर में गृह प्रवेश के दौरान प्रीतिका ने पारंपरिक भारतीय बहू की तरह सभी रस्में निभाईं। उन्होंने सास शीला देवी की आरती उतारी और सिर पर कलश रखकर घर में प्रवेश किया। परिवार ने इस रिश्ते को खुशी-खुशी स्वीकार किया। अभय के पिता कर्ण सिंह, जो पेशे से वकील हैं, अपने बेटे के इस फैसले से संतुष्ट नजर आए।
अभय सिंह की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने IIT Bombay से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और कनाडा में लाखों के पैकेज वाली नौकरी की, लेकिन आध्यात्मिक शांति की तलाश में सब कुछ छोड़ दिया। अब वे अपनी पत्नी प्रीतिका के साथ मिलकर सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और समाज सेवा के कार्यों में जुटना चाहते हैं।
दोनों का लक्ष्य ‘श्री यूनिवर्सिटी’ की स्थापना करना है, जहां आध्यात्म, साधना और ज्ञान का प्रसार किया जाएगा। उनका उद्देश्य साधकों और गुरुओं को एक मंच पर लाकर आने वाली पीढ़ी को आध्यात्मिक दिशा देना है।
प्रीतिका कर्नाटक की रहने वाली हैं और उन्होंने St. Joseph Engineering College से बीटेक तथा Manipal Institute of Technology से मास्टर्स की पढ़ाई की है। उन्होंने Indian Institute of Astrophysics में रिसर्च इंटर्नशिप भी की है। विज्ञान से जुड़े अध्ययन के दौरान उनका रुझान धीरे-धीरे अध्यात्म की ओर बढ़ा और अब वह अभय सिंह के साथ इस मार्ग पर आगे बढ़ रही हैं।












