12 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Sports Desk: BCCI का कड़ा रुख: ‘भारत के लिए खेलना है तो घरेलू क्रिकेट खेलना होगा’, कोहली और रोहित को दो-टूक संदेश
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के दो दिग्गज खिलाड़ियों — विराट कोहली और रोहित शर्मा — को साफ संदेश दिया है कि अगर वे वनडे टीम में बने रहना चाहते हैं, तो उन्हें घरेलू वनडे टूर्नामेंटों में हिस्सा लेना होगा।
टेस्ट और टी20 प्रारूप से संन्यास लेने के बाद दोनों खिलाड़ी फिलहाल केवल वनडे टीम का हिस्सा हैं। ऐसे में बोर्ड और टीम प्रबंधन चाहते हैं कि वे घरेलू क्रिकेट के जरिए फिटनेस और फॉर्म बनाए रखें।
विजय हजारे ट्रॉफी से हो सकती है वापसी
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दिशा में पहला कदम विजय हजारे ट्रॉफी हो सकता है, जिसका मुकाबला 24 दिसंबर को निर्धारित है। यह मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 से 9 दिसंबर तक की वनडे सीरीज और जनवरी में शुरू होने वाली न्यूजीलैंड सीरीज के बीच खेला जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, रोहित शर्मा ने मुंबई क्रिकेट संघ (MCA) को अपनी उपलब्धता की जानकारी दे दी है, जबकि विराट कोहली की भागीदारी को लेकर फिलहाल कोई स्पष्टता नहीं है।
“घरेलू क्रिकेट जरूरी है अगर भारत के लिए खेलना है”
BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“बोर्ड और टीम प्रबंधन ने दोनों खिलाड़ियों को बता दिया है कि अगर उन्हें भारत के लिए खेलना है, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलना होगा। चूंकि वे दो प्रारूपों से रिटायर हो चुके हैं, इसलिए फिटनेस और लय बनाए रखना उनके लिए बेहद जरूरी है।”
पिछले महीने चयन समिति प्रमुख अजीत अगरकर ने भी कहा था कि
“जब खिलाड़ी उपलब्ध हों, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलना चाहिए। इससे उनकी धार बनी रहती है, खासकर जब वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लंबे ब्रेक पर हों।”
रोहित की तैयारी शुरू, कोहली से उम्मीदें बरकरार
रोहित शर्मा जल्द शुरू होने वाले सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट में भी हिस्सा ले सकते हैं। वे इन दिनों मुंबई के शरद पवार इंडोर अकादमी में अभ्यास कर रहे हैं।
दूसरी ओर, विराट कोहली इस वक्त लंदन में हैं और बोर्ड चाहता है कि वे भी जल्द घरेलू सर्किट में वापसी करें।
पिछले सीजन में दोनों ने क्रमशः 10 और 12 साल बाद एक-एक रणजी ट्रॉफी मैच खेला था।
रोहित ने तब कहा था,
“2019 के बाद से जब मैंने टेस्ट क्रिकेट नियमित रूप से खेलना शुरू किया, तो घरेलू क्रिकेट के लिए समय कम मिला। लेकिन अब हम इस पहल को गंभीरता से ले रहे हैं।”
2027 विश्व कप को लेकर रणनीति
अगरकर ने स्पष्ट किया कि कोहली और रोहित किसी ‘ट्रायल’ पर नहीं हैं।
“दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट को बहुत कुछ दिया है — रन, ट्रॉफियां और नेतृत्व। 2027 विश्व कप तक काफी समय है। अगर वे फिट और फॉर्म में हैं, तो चयन का दरवाजा खुला रहेगा।”
अनुभव और फॉर्म के बीच संतुलन
BCCI की यह सख्ती संकेत देती है कि अब बोर्ड अनुभव और प्रदर्शन के बीच संतुलन बनाना चाहता है।
घरेलू क्रिकेट में उतरने से खिलाड़ियों की फॉर्म और फिटनेस की वास्तविक स्थिति का आकलन हो सकेगा। साथ ही यह युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक संदेश है —
“टीम में जगह नाम से नहीं, खेल से मिलेगी।”
विराट और रोहित के लिए यह वापसी सिर्फ औपचारिकता नहीं होगी — बल्कि उनके भविष्य और 2027 विश्व कप की राह तय करने वाला अहम कदम साबित हो सकती है।













