18 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Sports Desk: Zimbabwe ने ICC Men’s T20 World Cup 2026 में इतिहास रचते हुए पहली बार सुपर-8 में जगह बना ली है। टीम की इस कामयाबी के केंद्र में कप्तान सिकंदर रजा हैं, जिनकी निजी कहानी इस उपलब्धि को और खास बना देती है।
फाइटर पायलट बनने का सपना, फिर क्रिकेट की उड़ान
सिकंदर रजा का जन्म पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था। बचपन से उनका सपना फाइटर पायलट बनने का था। उन्होंने Pakistan Air Force से जुड़ी शिक्षा और प्रशिक्षण लिया और करीब साढ़े तीन साल तक ट्रेनिंग भी की।
हालांकि, विजन टेस्ट में असफल होने के कारण उनका फाइटर पायलट बनने का सपना अधूरा रह गया। इसके बाद साल 2002 में उनका परिवार जिम्बाब्वे चला गया, जहां से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया और उन्होंने क्रिकेट को अपना करियर बना लिया।
एयरफोर्स की ट्रेनिंग से मिला ‘फाइटर’ जज्बा
रजा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि एयरफोर्स में बिताया गया समय उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद मजबूत बना गया। वही अनुशासन और जुझारूपन आज उनके खेल और कप्तानी में साफ दिखाई देता है।
उनकी अगुवाई में जिम्बाब्वे ने ग्रुप स्टेज में दमदार प्रदर्शन किया और सुपर-8 का टिकट हासिल किया। आगे टीम की टक्कर Sri Lanka (आखिरी ग्रुप मैच), और सुपर-8 में West Indies, India और South Africa जैसी मजबूत टीमों से हो सकती है।
2013 में इंटरनेशनल डेब्यू
सिकंदर रजा ने 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। अब तक वह जिम्बाब्वे के लिए 22 टेस्ट, 153 वनडे और 129 टी20 मुकाबले खेल चुके हैं। टेस्ट में 1434 रन और 40 विकेट, वनडे में 4476 रन व 94 विकेट, जबकि टी20 में 2913 रन और 103 विकेट उनके नाम दर्ज हैं।
फाइटर पायलट बनने का सपना भले ही अधूरा रह गया, लेकिन मैदान पर रजा ने साबित कर दिया कि उनके अंदर का ‘फाइटर’ आज भी जिंदा है—और उसी जज्बे ने जिम्बाब्वे को टी20 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचा दिया है।











