जिला मंडी में एचपीवी टीकाकरण अभियान 29 मार्च से, 14 वर्ष आयु वर्ग की 8427 बालिकाएं होंगी लाभान्वित

जिला टास्क फोर्स की समीक्षा  बैठक में बोले उपायुक्त विभाग समन्वय से सफल बनाएं एचपीवी अभियान

मंडी, 24 फरवरी 2026 Fact Recorder  
Himachal Desk:  69 केंद्रों पर विशेष सत्रों में लगेगा एचपीवी टीका
जिला मंडी में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान 29 मार्च से प्रारंभ होगा। अभियान के अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग (3 माह की अतिरिक्त छूट सहित) की 8427 बालिकाओं को टीका लगाया जाएगा। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने जिला टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय से अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने टीकाकरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष सूचना एवं प्रेरणा अभियान चलाने पर भी बल दिया।
उपायुक्त ने कहा कि यह पहल बालिकाओं को भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी 69 निर्धारित टीकाकरण स्थलों पर आवश्यक कोल्ड चेन व्यवस्था, इंटरनेट सुविधा, यू-विन पंजीकरण प्रणाली तथा आपातकालीन दवाओं सहित एनाफिलेक्सिस किट उपलब्ध रहे।सत्र तिथियां और आयोजन
अभियान के अंतर्गत रविवार के दिन  29 मार्च, 5 अप्रैल तथा 12 अप्रैल  को टीकाकरण सत्र आयोजित  किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त कैचमेंट सत्र 19 अप्रैल, 10 मई, 24 मई तथा 21 जून 2026 को आयोजित होंगे। तीन माह के विशेष अभियान के उपरांत नियमित सत्र दिवसों पर भी टीकाकरण जारी रहेगा। टीकाकरण के दौरान बालिकाओं को अभिभावकों के  साथ आना होगा और यह टीका खाली पेट नहीं लगाया जाएगा  ।

टीकाकरण रणनीति और पात्रता
अभियान के दौरान एकल खुराक (0.5 मि.ली., इंट्रामस्क्युलर) टीका बाएं ऊपरी बांह में लगाया जाएगा। कार्यक्रम दिशा-निर्देशों के अनुसार वे बालिकाएं पात्र हैं जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है, परंतु 15 वर्ष पूर्ण नहीं किया है। अभियान अवधि में 15 वर्ष तथा अतिरिक्त 90 दिन तक आयु में छूट प्रदान की जाएगी। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक चरण में केवल 14 वर्ष आयु वर्ग को शामिल किया गया है ताकि जो बालिकाएं शीघ्र ही ऊपरी आयु सीमा पार करने वाली हैं, उन्हें समय रहते सुरक्षा मिल सके।सुरक्षा प्रबंध और प्रतिकूल प्रभाव प्रबंधन
बैठक में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ अतुल गुप्ता ने बताया कि एचपीवी टीका सुरक्षित और प्रभावी है। सामान्य रूप से हल्का बुखार, इंजेक्शन स्थल पर दर्द या सूजन जैसे मामूली लक्षण हो सकते हैं, जबकि गंभीर प्रतिकूल प्रभाव अत्यंत दुर्लभ हैं। प्रत्येक टीकाकरण स्थल पर एनाफिलेक्सिस किट उपलब्ध रहेगी तथा किसी भी प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति में बालिका को निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में तुरंत रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। यू-विन प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण की सुविधा ऑनलाइन तथा ऑनसाइट दोनों माध्यमों से उपलब्ध रहेगी।

एचपीवी संक्रमण और टीकाकरण का महत्व
ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) प्रजनन तंत्र से संबंधित एक सामान्य संक्रमण है। विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 99.7 प्रतिशत गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामले उच्च जोखिम वाले एचपीवी संक्रमण से जुड़े होते हैं। संक्रमण के बाद कैंसर विकसित होने में 5 से 20 वर्ष तक का समय लग सकता है, इसलिए किशोरावस्था में टीकाकरण को सर्वाधिक प्रभावी माना गया है। वैश्विक स्तर पर गर्भाशय ग्रीवा कैंसर महिलाओं में चौथा सबसे सामान्य कैंसर है, जबकि भारत में यह महिलाओं में दूसरा प्रमुख कैंसर है। समय पर टीकाकरण से 93 से 100 प्रतिशत तक सुरक्षा संभव मानी गई है।
बैठक में जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ दिपाली शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ दिनेश ठाकुर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ अतुल गुप्ता तथा शिक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।