01 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: दिल्ली–NCR की जहरीली हवा को लेकर पूर्व IPS अधिकारी किरण बेदी ने सरकार और अफसरशाही पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने पूछा कि NCR में कितने मंत्री और अधिकारी एयर प्यूरीफायर के बिना काम कर रहे हैं, और उनमें से कितने लोग सीने में जकड़न, खांसी, नाक बंद या बहने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं?
किरण बेदी ने कहा कि ज्यादातर अधिकारी प्यूरीफायर वाले ऑफिस, कार और घर में रहते हैं, इसलिए उन्हें असली हवा की स्थिति का अंदाजा ही नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जब आम लोग प्रदूषण की मार झेल रहे हैं, तो क्या नेताओं और अधिकारियों का कर्तव्य नहीं बनता कि वे स्वयं से पहले जनता की रक्षा के बारे में सोचें?
“सब कुछ सरकारी खर्चे पर… बाहर की हवा का एहसास कैसे होगा?”
बेदी ने कहा कि लोग खांसी, छींक, नाक बहने, बुखार और कम ऊर्जा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि देश की राजधानी को स्वच्छ हवा मिलना अधिकार है।
PM मोदी से भी की अपील
उन्होंने PM मोदी से अनुरोध किया कि हर महीने
दिल्ली
NCR के राज्यों के मुख्यमंत्री
मुख्य सचिव
के साथ वर्चुअल मीटिंग करें, ताकि लोगों में भरोसा बने कि समस्या पर गंभीरता से काम हो रहा है।
“सैनिटाइज्ड मीटिंग रूम से बाहर निकलें अधिकारी”
बेदी ने शनिवार को भी कहा था कि प्रदूषण संकट से निपटने का तरीका कमजोर है। उन्होंने आग्रह किया कि अधिकारी मीटिंग रूम छोड़कर स्मॉग से भरी सड़कों पर उतरें, तभी वास्तविक स्थिति समझ आएगी।
“एजेंसियों में तालमेल नहीं, दशकों से बिगड़ता सिस्टम”
उनके मुताबिक एयर पॉल्यूशन कोई अचानक हुआ हादसा नहीं, बल्कि यह दशकों से गवर्नेंस में कमी और एजेंसियों के बीच तालमेल न होने का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि अब वक्त है
बेहतर कोऑर्डिनेशन,
लगातार फील्ड विज़िट,
और बैठकों के बजाय जमीनी कार्रवाई
को प्राथमिकता देने का।
किरण बेदी ने साफ कहा कि NCR की हवा तभी सुधरेगी जब नेतृत्व दिखाई देगा, काम लगातार होगा, और सभी विभाग मिलकर काम करेंगे।













